अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर एक बड़ा और विवादास्पद कदम उठाते हुए BRICS समूह और अन्य 14 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। ट्रम्प ने मंगलवार को आरोप लगाया कि BRICS देश अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं और इसी कारण वह इन देशों से आने वाले सामान पर 1 अगस्त 2025 से 10% अतिरिक्त शुल्क लगाएंगे। भारत को भी इससे कोई राहत नहीं मिलेगी।
ट्रम्प ने स्पष्ट तौर पर कहा, “BRICS हमें कमजोर करने और हमारे डॉलर को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था। जो भी BRICS में हैं, उन्हें 10% टैरिफ देना होगा। डॉलर राजा है और हम इसे ऐसे ही बनाए रखेंगे। जो इसे चुनौती देंगे, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

भारत के संदर्भ में पूछे जाने पर ट्रम्प ने कहा, “भारत भी BRICS का सदस्य है, इसलिए उसे भी यह टैरिफ देना होगा। किसी को कोई छूट नहीं दी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले का मकसद “निष्पक्षता” लाना है और यदि कोई देश बातचीत करना चाहता है, तो अमेरिका विचार कर सकता है।
1 अगस्त की डेडलाइन फिक्स (BRICS)
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “1 अगस्त 2025 से यह टैरिफ लागू होगा और इसमें कोई बदलाव या छूट नहीं होगी।” हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या 1 अगस्त की तारीख पूरी तरह से तय है, तो उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा यह पक्की है, लेकिन 100% नहीं। अगर कोई देश बातचीत करना चाहता है या अलग तरीके से काम करना चाहता है, तो हम उस पर विचार कर सकते हैं।”
BRICS देशों ने ट्रम्प की इस घोषणा की आलोचना करते हुए इसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के खिलाफ बताया है। समूह का कहना है कि इस तरह का कदम न केवल अनुचित है बल्कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए भी खतरनाक संकेत देता है।
ट्रम्प ने 14 (BRICS) देशों पर टैरिफ लगाया

इस विवाद के बीच ट्रम्प प्रशासन ने सोमवार को बांग्लादेश, जापान, दक्षिण कोरिया समेत कुल 14 देशों पर अलग-अलग दरों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया। कुछ देशों पर 25% शुल्क लगाया गया है, जबकि अन्य पर 30% से 40% तक का टैक्स तय किया गया है।
दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं को ट्रम्प ने सबसे पहले औपचारिक पत्र भेजकर सूचित किया कि उनके देश से अमेरिका आने वाले सामान पर अब 25% टैक्स लागू होगा। ट्रम्प के अनुसार, “ये टैक्स इसलिए जरूरी हैं, ताकि अमेरिका और इन देशों के बीच व्यापार असंतुलन को सुधारा जा सके।”
गौरतलब है कि पहले यह ऐलान ट्रम्प 9 जुलाई को करने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसे आगे बढ़ाते हुए अब 1 अगस्त से लागू करने का फैसला किया है। साथ ही ट्रम्प ने यह भी कहा कि यह केवल BRICS तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक ग्लोबल टैरिफ नीति की शुरुआत है।
इस कदम के बाद वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका के इस फैसले का असर भारत सहित उन तमाम देशों पर पड़ेगा जो अब तक अमेरिकी बाजार में बिना अतिरिक्त शुल्क के सामान भेजते रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या कोई देश बातचीत की पहल करता है या फिर यह टकराव और बढ़ता है।
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