ITR भरने की आखिरी तारीख निकल चुकी है और अभी तक रिटर्न फाइल नहीं किया? घबराने की जरूरत नहीं, अभी भी एक रास्ता खुला है। Belated ITR Filing Rules उन्हीं टैक्सपेयर्स के लिए बनाए गए हैं, जो तय समय सीमा में रिटर्न फाइल नहीं कर पाते।
Belated ITR Filing क्या है?
तय की गई आखिरी तारीख के बाद फाइल किया गया इनकम टैक्स रिटर्न बिलेटेड आईटीआर कहलाता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए है, जो किसी वजह से 31 जुलाई जैसी सामान्य डेडलाइन तक रिटर्न नहीं भर पाते। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(4) के तहत यह रिटर्न फाइल करने की अनुमति दी जाती है। यह सुविधा सरकार ने खासतौर पर उन टैक्सपेयर्स के लिए रखी है, जो बीमारी, यात्रा या किसी अन्य वजह से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते।
Belated ITR Filing Rules के तहत आखिरी तारीख
आमतौर पर संबंधित असेसमेंट ईयर खत्म होने से तीन महीने पहले तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है। यानी अगर सामान्य डेडलाइन जुलाई में थी, तो बिलेटेड रिटर्न उसी असेसमेंट ईयर के 31 दिसंबर तक भरा जा सकता है। हर साल की सही डेडलाइन इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर चेक करनी चाहिए, क्योंकि सरकार समय-समय पर तारीख आगे भी बढ़ा सकती है।
देरी से रिटर्न भरने पर क्या नुकसान होता है?
धारा 234F के तहत लेट फीस देनी पड़ती है, जो इनकम के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। अगर टैक्स बकाया है, तो उस पर हर महीने अतिरिक्त ब्याज भी लगता है, जिससे कुल देनदारी बढ़ जाती है। बिलेटेड रिटर्न में कुछ टैक्स सेविंग बेनिफिट और लॉस कैरी फॉरवर्ड जैसी सुविधाएं भी सीमित हो जाती हैं। (Belated ITR Filing Rules)
Belated ITR Filing Rules में जरूरी बातें
रिफंड क्लेम करने का अधिकार बना रहता है, लेकिन प्रोसेसिंग में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है। कुछ मामलों में कैपिटल लॉस या बिजनेस लॉस को अगले साल आगे नहीं बढ़ाया जा सकता, अगर रिटर्न देरी से भरा गया हो। बिलेटेड रिटर्न भी बाद में रिवाइज किया जा सकता है, बशर्ते तय समय सीमा के भीतर ऐसा किया जाए।
बिलेटेड रिटर्न कैसे फाइल करें?
इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करके सामान्य रिटर्न की तरह ही फॉर्म भरा जा सकता है। फॉर्म भरते समय रिटर्न टाइप में बिलेटेड ऑप्शन चुनना जरूरी होता है, ताकि सही तरीके से प्रोसेसिंग हो सके। सभी जरूरी दस्तावेज जैसे फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट और निवेश प्रूफ पहले से तैयार रखना प्रोसेस को आसान बनाता है।

फॉर्म सबमिट करने के बाद आधार OTP या नेट बैंकिंग के जरिए ई-वेरिफिकेशन पूरा करना भी जरूरी होता है, तभी रिटर्न वैलिड माना जाता है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Belated ITR Filing Rules के तहत आखिरी तारीख क्या है?
आमतौर पर संबंधित असेसमेंट ईयर के 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है, लेकिन सही तारीख हर साल वेबसाइट पर चेक करें।
2. क्या बिलेटेड रिटर्न पर पेनल्टी लगती है?
हां, धारा 234F के तहत लेट फीस के साथ बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।
3. क्या बिलेटेड रिटर्न में रिफंड मिल सकता है?
हां, रिफंड क्लेम करने का अधिकार बना रहता है, लेकिन प्रोसेसिंग में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है।
4. अगर बिलेटेड डेडलाइन भी निकल जाए तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में अपडेटेड रिटर्न भरने का विकल्प मौजूद रहता है, लेकिन इसकी अपनी अलग शर्तें और समय सीमा होती है।
5. Belated ITR Filing से जुड़ी पूरी जानकारी कहां मिल सकती है?
इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर हर साल अपडेटेड नियम दिए जाते हैं, ज्यादा जानकारी के लिए विकिपीडिया पर इससे जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।
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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। ITR फाइल करने से पहले इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें और जरूरत पड़ने पर टैक्स सलाहकार से सलाह लें।

