पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े आरोपी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। भारत पहुंचने के बाद CBI ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मिस्त्री नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों के नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों में शामिल रहा है।
संदीप मिस्त्री की भारत वापसी ऐसे समय हुई है जब एजेंसियां PNB घोटाले से जुड़े विदेश में मौजूद आरोपियों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही हैं। इस मामले में नीरव मोदी मुख्य आरोपियों में शामिल है और उसके खिलाफ भारत में लंबे समय से जांच चल रही है। नीरव मोदी को भारत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी (Fugitive Economic Offender) घोषित किया जा चुका है।
कौन है संदीप मिस्त्री?
CBI की पिछली चार्जशीट और अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार संदीप मिस्त्री नीरव मोदी से जुड़ी हांगकांग स्थित एक कथित डमी कंपनी का निदेशक था। जांच एजेंसी ने उस पर मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को हटाने और कथित तौर पर कंपनियों के निदेशकों को विदेश भेजने की गतिविधियों में भूमिका होने के आरोप लगाए हैं।
जनवरी 2026 में CBI ने मुंबई की विशेष अदालत के समक्ष मिस्त्री को फरार आरोपी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। उस समय जांच एजेंसी ने कहा था कि वह मामले में वांछित आरोपियों में से एक है। अब UAE से प्रत्यर्पण के बाद उसकी गिरफ्तारी जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सबूत नष्ट करने के भी आरोप
CBI की पिछली जांच में संदीप मिस्त्री और नीरव मोदी के कारोबारी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर सबूत नष्ट करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। एजेंसी के अनुसार, अप्रैल 2018 में दुबई स्थित कुछ कथित डमी कंपनियों के निदेशकों को वहां से बाहर जाने के लिए मजबूर किया गया था।
CBI के आरोपों के मुताबिक, इन लोगों के मोबाइल फोन नष्ट किए गए और कथित तौर पर कार्यालय में मौजूद सर्वर को भी नष्ट किया गया। जांच एजेंसी का दावा था कि उस सर्वर में कंपनियों के खातों, आयात-निर्यात और अन्य कारोबारी लेनदेन से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होना बाकी है।
PNB घोटाला क्या है?
PNB घोटाला वर्ष 2018 में सामने आया था। आरोप है कि नीरव मोदी और उससे जुड़ी कंपनियों ने बैंक अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत के जरिए फर्जी Letters of Undertaking (LoUs) हासिल किए। इनका इस्तेमाल विदेशों में स्थित बैंकों से क्रेडिट हासिल करने के लिए किया गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी से पंजाब नेशनल बैंक को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और CBI दोनों ने इस मामले में अलग-अलग पहलुओं की जांच की है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जांच की, जबकि CBI ने कथित बैंक धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के पहलू की जांच की है।
नीरव मोदी अभी कहां है?
नीरव मोदी भारत से बाहर है और ब्रिटेन में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहा है। भारत लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। वहीं, मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और सहयोगियों के खिलाफ भी अलग-अलग देशों में कानूनी प्रक्रियाएं चलती रही हैं।
2026 में ED ने नीरव मोदी के भाइयों नीशाल और नेहल मोदी के साथ-साथ संदीप मिस्त्री और एक अन्य आरोपी के खिलाफ भी भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की थी। यदि किसी आरोपी को इस कानून के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाता है, तो कानून के तहत उसकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
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CBI की जांच में आगे क्या होगा?
UAE से भारत लाए जाने के बाद संदीप मिस्त्री से CBI मामले से जुड़े लेनदेन, कंपनियों की संरचना, कथित डमी निदेशकों और विदेशों में मौजूद कारोबारी नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि घोटाले के बाद कथित तौर पर सबूतों को हटाने या नष्ट करने में उसकी क्या भूमिका थी।
मिस्त्री की गिरफ्तारी से जांच एजेंसी को विदेश में संचालित नीरव मोदी के कथित कारोबारी नेटवर्क और धन के लेनदेन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, इन सभी आरोपों और दावों का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।

