AMIT SHAH HARIDWAR VISIT: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के गणमान्य व्यक्तियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने संस्थान के कार्यों और इसके संस्थापक के विचारों पर अपने वक्तव्य रखे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा के कार्यों का स्मरण किया।

उन्होंने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा ने सनातन धर्म में आई विकृतियों को दूर करने का कार्य किया और आध्यात्मिकता को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक सरोकारों से जोड़ा। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आचार्य ने समाज में समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को स्थापित करने पर जोर दिया था। उन्होंने आचार्य द्वारा दिए गए विचार “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण” का उल्लेख करते हुए इसे व्यवहार में लाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” के वाक्य को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताया और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता जताई।

AMIT SHAH HARIDWAR VISIT: देश की कार्य-संस्कृति और विरासत पर चर्चा
समारोह में अमित शाह ने देश की वर्तमान स्थिति पर भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों के दौरान देश की कार्य-संस्कृति और लोगों की सोच में बदलाव आया है। गृह मंत्री के अनुसार, वर्तमान में भारत को उसकी विरासत, संस्कृति और जीवन मूल्यों के संदर्भ में देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद घोष के विचारों का संदर्भ देते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष का सीधा संबंध मानवता के उत्कर्ष से है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार की तुलना एक वटवृक्ष से की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संगठन आध्यात्मिक चेतना का प्रसार कर रहा है और समाज को सकारात्मकता प्रदान कर रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में स्थापित करने की बात कही। सीएम धामी ने कहा कि सनातन संस्कृति के संदेश को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पांड्या ने संस्थान के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। इस शताब्दी वर्ष समारोह में कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

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