ALMORA ACCIDENT: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में आने वाली भिकियासैंण तहसील में आज गुरुवार की सुबह-सुबह एक बहुत ही दुखद सड़क हादसा हुआ है। यहां रापड़-गंगोड़ा-चमड़खान-सोनी रानीखेत मोटर मार्ग पर एक कार अचानक बेकाबू हो गई और करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
इस भयानक दुर्घटना में कार के अंदर मौजूद तीनों लोगों की मौके पर ही जान चली गई। ये तीनों लोग पेशे से जागरी थे, जो रात के समय ग्राम चमोली पुसैला में अपना जागर का कार्यक्रम पूरा करने के बाद वापस अपने घर चमड़खान की ओर जा रहे थे।
आधी रात के समय हुआ ALMORA ACCIDENT
ALMORA ACCIDENT तो आधी रात के आसपास ही हो गया था, लेकिन इलाका काफी अंदरूनी और दूरदराज होने की वजह से इसकी खबर 4 से 5 घंटे बाद लग पाई। सुबह करीब 5 बजे जब गांव के लोग दूध देने के लिए डेयरी की तरफ निकल रहे थे, तब उनकी नजर सड़क पर पड़े खून और टायरों के निशानों पर गई। जब ग्रामीणों ने खाई में नीचे झांका, तो वहां एक कार गिरी हुई दिखी।
बुधवार सुबह 112 को भी यह सूचना दी गई कि भाटिया-भिकियासैंण रास्ते के पास कार नंबर यूके 04 एफ 6683 की नंबर प्लेट सड़क पर बिखरी पड़ी है। जब आसपास कोई गाड़ी नहीं दिखी, तो उसके खाई में गिरने का शक हुआ और फौरन राहत-बचाव की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं।

पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान
ALMORA ACCIDENT की खबर मिलते ही भतरोंजखान थाने की पुलिस, 108 सेवा, आपदा कंट्रोल, एसडीआरएफ (SDRF), राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की मिली-जुली टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। भिकियासैंण तहसील मुख्यालय से तहसीलदार बर्खा जलाल के नेतृत्व में प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची।
थानाध्यक्ष भतरौंजखान अवनीश कुमार की अगुवाई में पुलिस ने ALMORA ACCIDENT मामले की जांच-पड़ताल शुरू की। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान देखा गया कि गाड़ी सड़क से करीब 150 मीटर नीचे जाकर गिरी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह से पिचक चुकी थी और उस पर बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे थे।
दो लोगों के शव गहरी खाई में पड़े थे जिन्हें पहले निकाला गया, जबकि तीसरा व्यक्ति चट्टान की ढलान में फंसा हुआ था, जिसे बाहर निकालने के लिए टीम को बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में SDRF प्रभारी महिपाल सिंह के साथ कांस्टेबल हरीश पांडेय, अमित, राजेंद्र, जगमोहन, आनंद और होमगार्ड रोहित ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
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ALMORA ACCIDENT में बचाव कार्य के बाद जब मृतकों की शिनाख्त शुरू हुई, तो दो लोगों की पहचान सनेटी (रानीखेत) निवासी भुवन पुत्र दीवान राम और दौड़ाखाल (रानीखेत) निवासी 32 साल के कैलाश चंद्र पुत्र बहादुर राम के रूप में हुई।
हालांकि पुलिस अभी भी आधिकारिक तौर पर तीसरे व्यक्ति की पहचान पुख्ता करने में जुटी है। SDRF टीम के प्रभारी महिपाल सिंह ने बताया कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर जरूरी कानूनी कार्यवाही के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने शवों को रानीखेत की मोर्चरी में भिजवा दिया है और मामले की जांच जारी है।

कौन होते हैं जागरी और क्या होता है जागर?
उत्तराखंड की संस्कृति में जागरी बहुत ही सम्मानित माने जाते हैं। ये पारंपरिक लोक गायक होते हैं जो अलग-अलग तरह के धार्मिक अनुष्ठान और स्थानीय देवी-देवताओं की ‘जागर’ संपन्न कराते हैं। जागर यहां की एक प्राचीन और खास परंपरा है, जिसमें जागरी हुड़के की थाप पर देवताओं की स्तुति गाकर उन्हें बुलाते या जागृत करते हैं।
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