DAYARA BUGYAL MISSING GIRL: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक पर नैनीताल की एक युवती के लापता होने के मामले में एक स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी संचालक का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी केके जोशी ने शासकीय स्तर पर जांच के बाद स्पष्ट किया है कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित सिंगल विंडो सिस्टम के आधिकारिक पोर्टल से लापता युवती के नाम पर ट्रेकिंग का कोई भी अनुमति पत्र जारी नहीं किया गया था।
काट-छांट कर फर्जी तरीके से नाम बदला गया
संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी द्वारा वन विभाग को सौंपे गए अनुमति पत्र में गंभीर काट-छांट कर फर्जी तरीके से नाम बदले जाने की पुष्टि हुई है। इस धोखाधड़ी के सामने आते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त एजेंसी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और पुलिस के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।(DAYARA BUGYAL MISSING GIRL)
जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने पोर्टल की कार्यप्रणाली के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ट्रेकर्स की सुविधा और सुरक्षा हेतु ‘एक्सप्लोर उत्तरकाशी’ नाम से एक नया सिंगल विंडो सिस्टम पोर्टल तैयार किया गया है। इस डिजिटल पोर्टल पर ट्रेकिंग के इच्छुक आवेदकों को अपने पहचान पत्र, मेडिकल सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
निर्धारित शासकीय शुल्क का भुगतान होते ही सिस्टम द्वारा एक ऑनलाइन अनुमति पत्र स्वतः ही जारी कर दिया जाता है। विभागीय जांच के दौरान जब ट्रेकिंग एजेंसी द्वारा वन विभाग के चेकपोस्ट पर प्रस्तुत किए गए अनुमति पत्र के क्यूआर कोड को स्कैन किया गया, तो उसमें दर्ज मूल विवरण पूरी तरह अलग पाया गया। (DAYARA BUGYAL MISSING GIRL)
क्यूआर कोड की स्कैनिंग से यह प्रमाणित हुआ कि वह अनुमति पत्र पूर्व में कुलदीप सिंह, अनिकेत कुमार शाह, अनंत रंजंत, आराधना द्विवेदी और रवि नामक व्यक्तियों के लिए जारी किया गया था। एजेंसी संचालक ने इसी पुराने पत्र में अवैध रूप से काट-छांट की और अनंत के स्थान पर हरमनप्रीत सिंह, आराधना के स्थान पर बबीता पांडे तथा रवि के स्थान पर हरमनपाल सिंह का नाम दर्ज कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिया।

क्या है पूरा DAYARA BUGYAL MISSING GIRL का मामला?
नैनीताल जिले के रामनगर (चिल्किया) की रहने वाली 24 वर्षीय बबीता पांडे, जो दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई कर रही थीं, पिछले चार दिनों से दयारा बुग्याल के दुर्गम क्षेत्रों से लापता (DAYARA BUGYAL MISSING GIRL) हैं। बबीता के परिजनों के अनुसार, वे पिछले कुछ समय से नौकरी छोड़कर पहाड़ों को एक्सप्लोर करने के उद्देश्य से लगातार यात्राएं कर रही थीं।
इसी सिलसिले में वे बीती 25 मई को अपने दो दोस्तों हरमनपाल (निवासी रुद्रपुर, उत्तराखंड) और हरमनप्रीत (निवासी शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश) के साथ उत्तरकाशी घूमने के लिए रवाना हुई थीं। हर्षिल क्षेत्र का भ्रमण करने के पश्चात इन तीनों ने दयारा बुग्याल ट्रेक पर जाने का निर्णय लिया था। 29 मई की रात को यह दल ट्रेक के मार्ग में स्थित ‘गोई’ नामक स्थान पर बने एक टेंट में रुका हुआ था, जहां से अगली सुबह बबीता संदिग्ध परिस्थितियों में ओझल हो गईं।
लापता युवती के सहयात्रियों और दोस्तों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 29 मई की रात को उन्होंने वहां शराब का सेवन किया था, जिसके बाद बबीता ने अकेले रहने की बात कहकर टेंट से बाहर जाकर बैठने की इच्छा प्रकट की थी। दोस्तों का दावा है कि अगली सुबह जब करीब 4 बजे उनकी आंख खुली, तो बबीता टेंट के भीतर या आसपास मौजूद नहीं थीं। घटना के बाद से ही बबीता का मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जबकि उनका यात्रा बैग घटना स्थल पर ही छोड़ दिया गया था।
परिजनों ने कराई शिकायत दर्ज
बबीता के भाई हर्षित पांडे ने मनेरी थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। भाई का आरोप है कि चूंकि बबीता उन दोनों दोस्तों के साथ यात्रा पर गई थी, इसलिए उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की थी। परिजनों द्वारा किसी अनहोनी या आपराधिक घटना की आशंका व्यक्त किए जाने के बाद मनेरी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) के अंतर्गत आपराधिक मामला पंजीकृत कर दोनों दोस्तों को हिरासत में ले लिया है और उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।

संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
इधर, दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में लापता युवती की खोज के लिए शासन-प्रशासन द्वारा एक व्यापक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन (DAYARA BUGYAL MISSING GIRL) चलाया जा रहा है। घने जंगलों, खाइयों और दयारा बुग्याल ट्रेक के अत्यधिक कठिन भूभाग में बबीता की तलाश के लिए भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।
रेस्क्यू टीमों द्वारा सुराग जुटाने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की हवाई निगरानी की जा रही है और खोजी कुत्तों के दस्ते (डॉग स्क्वायड) को भी खोजबीन में लगाया गया है। अब तक की खोजबीन के दौरान रेस्क्यू टीम को मौके से युवती की चप्पल और एक आईडी प्रूफ बरामद हो चुका है, परंतु मोबाइल फोन और युवती के संबंध में चौथे दिन भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई DAYARA BUGYAL MISSING GIRL से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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