DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST: वर्षवार नियुक्ति की मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र होता दिखाई दे रहा है। एकता विहार में पिछले कई महीनों से धरना दे रहे नर्सिंग एकता मंच से जुड़े चार अभ्यर्थी और उनके समर्थन में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सोमवार सुबह परेड ग्राउंड और सर्वे चौक के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए।
इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। टंकी पर चढ़ने वालों में कविता, विनोद, आनंद और धर्मेंद्र शामिल बताए गए हैं। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। शुरुआत में करीब 12 से 15 पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर नीचे उतारने की कोशिश की, जबकि नीचे मौजूद अन्य नर्सिंग अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर डटे रहे।
158 दिनों से हो रहा DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST
नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे ये अभ्यर्थी पिछले 158 दिनों से एकता विहार में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। अपनी मांगों को लेकर वे पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन भी कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इतने लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अनशन के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

उनका कहना है कि लगातार केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। लंबे समय से चल रहे DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST के कारण कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी बिगड़ चुकी है। नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर पुंडीर के अनुसार अब तक 12 अभ्यर्थियों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जबकि पांच अभ्यर्थी आईसीयू तक पहुंच चुके हैं।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी PROTEST में शामिल
DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST को अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला कई घंटों से अभ्यर्थियों के साथ टंकी पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि 158 दिनों से संघर्ष कर रहे युवा आज मजबूरी में पानी की टंकी पर चढ़ने जा रहे हैं, तो उन्हें लगा कि इस मुश्किल समय में उनका साथ देना जरूरी है।
बॉबी पंवार भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मौके पर
वहीं उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार भी DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए। बॉबी पंवार ने सीधे पुष्कर सिंह धामी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभ्यर्थियों के प्रति इसी तरह का रवैया जारी रहा तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
स्वास्थ्य विभाग में इस समय चार हजार से ज्यादा पद खाली
DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST कर रहे अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों ने सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। ज्योति रौतेला का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में इस समय चार हजार से ज्यादा पद खाली पड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार युवाओं की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने साल 2015-16 में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी और अब इतने वर्षों बाद वे दोबारा प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए उन्हें वर्षवार भर्ती के जरिए रोजगार का अवसर दिया जाना चाहिए।
नवल किशोर पुंडीर ने भी कहा कि राज्य में करीब तीन हजार से अधिक नर्सिंग पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार के मंत्री मौखिक समर्थन तो दे रहे हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

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आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की चार प्रमुख मांगें
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी चार प्रमुख मांगें रखी हैं।
- पहली मांग यह है कि भर्ती नियमावली को स्थायी रूप से वर्षवार लागू किया जाए ताकि भविष्य में भी भर्ती प्रक्रिया नियमित बनी रहे।
- दूसरी मांग के तहत अभ्यर्थी चाहते हैं कि आईपीएचएस मानकों के अनुसार पहले की तरह लगभग 2000 पदों पर वर्षवार भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू की जाए।
- तीसरी मांग में उन्होंने पिछली भर्तियों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देने की बात कही है।
- वहीं चौथी मांग के तहत अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि अब वे किसी भी मौखिक आश्वासन पर आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब तक सरकार लिखित रूप में कोई ठोस निर्णय नहीं देती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई DEHRADUN NURSING CANDIDATES PROTEST से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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