TOTAGHATI ACCIDENT: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक हादसा हुआ है। देवप्रयाग थाना क्षेत्र के तोताघाटी के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 1300 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस कार में केदारनाथ धाम के दर्शन कर दिल्ली लौट रहा एक दंपती सवार था। जैसे ही हादसे की खबर मिली, देवप्रयाग पुलिस और व्यासी में तैनात एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
TOTAGHATI ACCIDENT में घायल युवक को बचाया गया
रेस्क्यू टीम खाई में नीचे उतरी और रस्सियों व स्ट्रेचर की मदद से घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद 108 एम्बुलेंस के जरिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। देवप्रयाग थानाध्यक्ष प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि घायल की पहचान दिल्ली निवासी 22 वर्षीय अनीश, पिता संदीप के रूप में हुई है। कार भी दिल्ली नंबर की बताई जा रही है।
घायल युवक ने जानकारी दी कि कार में उसके साथ एक महिला भी मौजूद थी। लापता महिला की पहचान 20 वर्षीय सोहनी, निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि जिस तरह हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है, उससे अंदेशा है कि महिला खाई में काफी दूर जा गिरी होगी। वहीं एक घायल को नदी के रास्ते राफ्ट के जरिए बाहर निकालने की प्रक्रिया भी जारी है।

लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन
थाना प्रभारी प्रशांत बहुगुणा के मुताबिक, तोताघाटी के सामने कार गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। गहरी खाई और कठिन रास्तों के बावजूद राहत और बचाव दल लगातार लापता महिला सोहनी की तलाश में जुटा हुआ है और सर्च ऑपरेशन जारी है।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। सटीकता की गारंटी नहीं है।
जानिए TOTAGHATI के बारे में और बढ़ाइए जानकारी
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर TOTAGHATI उत्तराखंड के सबसे चुनौतीपूर्ण रास्तों में से एक है। यह स्थान टिहरी जिले के देवप्रयाग और व्यासी के बीच स्थित है। इस घाटी का नाम उत्तराखंड के एक साहसी ठेकेदार तोता सिंह रांगड़ के नाम पर रखा गया है।
सन् 1931 के आसपास, जब इस दुर्गम इलाके में सड़क बनाना लगभग असंभव माना जा रहा था, तब तोता सिंह ने केवल छैनी, हथौड़ी और सब्बल (बिना आधुनिक मशीनों के) की मदद से चट्टानों को काटकर रास्ता बनाया था।
READ MORE:
- PAURI में KHIRSU के पास बाइक और मैक्स की टक्कर, 8 लोग घायल, सभी सुरक्षित
- नैनीताल कलेक्ट्रेट पार्किंग में कार के अंदर वकील ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट हुआ बरामद
- UTTARAKHAND में HEAT WAVE की मार, देहरादून में रेड अलर्ट, यहां 40 के पार तापमान-
कहा जाता है कि इस कार्य में उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी थी और यहाँ तक कि अपनी पत्नी के जेवर तक बेच दिए थे। उनकी इस जीवटता से खुश होकर टिहरी रियासत के तत्कालीन राजा नरेंद्र शाह ने इस घाटी का नाम ‘तोताघाटी’ रख दिया और उन्हें ‘लाट साहब’ की उपाधि दी।

यह घाटी अपनी डोलोमाइट और चूना पत्थर (Limestone) की बेहद मजबूत और खड़ी चट्टानों के लिए जानी जाती है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, यहाँ की चट्टानें बहुत जटिल हैं, जिन्हें काटना आज की आधुनिक मशीनों के लिए भी बड़ी चुनौती रहा है।
TOTAGHATI की वर्तमान स्थिति
चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत इस हिस्से को काफी चौड़ा किया गया है। निर्माण के दौरान यह सबसे कठिन पैच था, जिसके कारण इसे कई महीनों तक यातायात के लिए बंद रखना पड़ा था। सड़क चौड़ी होने के बावजूद, यहाँ भूस्खलन (Landslide) का खतरा बना रहता है।
हाल की रिपोर्टों (2025-26) के अनुसार, पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में दरारें देखी गई हैं, जिस पर विशेषज्ञ और प्रशासन लगातार निगरानी रख रहे हैं। यह बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य मार्ग है। चीन सीमा से जुड़े होने के कारण यह भारतीय सेना के लिए भी एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास्ता है।
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

