UTTARAKHAND WEATHER: उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप ने लोगों की दिनचर्या को काफी प्रभावित किया था, लेकिन अब मौसम करवट लेने जा रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 अप्रैल मंगलवार से प्रदेश के मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के ज्यादातर जिलों के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सोमवार को प्रदेश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया था, लेकिन अब अगले तीन से चार दिनों के भीतर पारे में अच्छी-खासी गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी से राहत मिल सकती है।
ऑरेंज अलर्ट और UTTARAKHAND WEATHER की स्थिति
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार 28 अप्रैल को उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों में मौसम काफी सक्रिय और उग्र रह सकता है। खासतौर पर नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, ओलावृष्टि और UTTARAKHAND WEATHER के अचानक खराब होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान भी लगाया गया है।
वहीं ऊंचाई वाले इलाकों की बात करें तो 4400 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के भी आसार हैं। इससे पूरे पर्वतीय क्षेत्र में ठंडक बढ़ेगी और मौसम में साफ बदलाव महसूस किया जाएगा।

तापमान में बड़ी गिरावट के आसार
बीते सोमवार यानी 27 अप्रैल को उत्तराखंड के मैदानी जिलों में गर्मी ने अपना सबसे तेज रूप दिखाया। हरिद्वार जिले के रुड़की में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं राजधानी देहरादून में रविवार को तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो सोमवार को थोड़ी गिरावट के साथ 37.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मुक्तेश्वर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी। इसके उलट 28 अप्रैल से शुरू हो रहे इस मौसम बदलाव के कारण अगले 3 से 4 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी से काफी राहत मिलेगी।
जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
UTTARAKHAND WEATHER की इस गंभीर स्थिति और संभावित बदलाव को देखते हुए शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से सभी जिलाधिकारियों को औपचारिक पत्र भेजकर अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
29 अप्रैल को भी UTTARAKHAND WEATHER की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है। इस दौरान पहले बताए गए जिलों के अलावा देहरादून और टिहरी में भी मौसम तेजी से बदलने के संकेत हैं। प्रशासन ने स्थानीय निकायों, राहत टीमों और आपदा प्रबंधन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा है, ताकि ओलावृष्टि, तेज बारिश और आंधी से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
मैदानी इलाकों में येलो अलर्ट का प्रभाव
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और खराब UTTARAKHAND WEATHER की चेतावनी के बीच मैदानी जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 28 से 30 अप्रैल तक हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर सहित अन्य मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर साफ दिखाई देगा।
हालांकि इन क्षेत्रों में स्थिति पहाड़ों जितनी गंभीर होने की संभावना कम बताई जा रही है, फिर भी यहां कई स्थानों पर बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना बनी हुई है।
30 अप्रैल को भी पहाड़ी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में चलने वाली ठंडी हवाएं तापमान को नियंत्रित रखेंगी। 1 मई को भी पहाड़ों में हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं, जिससे मई महीने की शुरुआत अपेक्षाकृत ठंडी रहने की संभावना जताई जा रही है।

खराब UTTARAKHAND WEATHER के दौरान सुरक्षा और बचाव के उपाय
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
- बिजली गिरने और तेज आंधी की स्थिति में लोगों को पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों में या किसी अस्थायी और कच्चे ढांचे के पास रुकने से बचने की सलाह दी गई है।
- सुरक्षित रहने के लिए किसी पक्की छत वाले मकान, इमारत या सुरक्षित स्थान के भीतर ही रुकना बेहतर माना गया है।
- आंधी और बिजली कड़कने के दौरान घर के अंदर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद रखने और मोबाइल फोन के उपयोग से भी बचने की हिदायत दी गई है, ताकि आकाशीय बिजली से होने वाले खतरे को कम किया जा सके।
यात्रियों के लिए विशेष सावधानी
- इसके अलावा चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और पर्वतीय मार्गों पर सफर कर रहे यात्रियों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
- यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और प्राथमिक उपचार का सामान रखने की सलाह दी गई है।
- भारी बारिश, फिसलन और खराब UTTARAKHAND WEATHER की स्थिति में यात्रा को कुछ समय के लिए टाल देना ज्यादा सुरक्षित माना गया है।
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