/ Mar 28, 2026
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NOIDA INTERNATIONAL AIRPORT: उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार दोपहर 12:30 बजे किया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के विश्व प्रसिद्ध कांच से बनी भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की।
NOIDA INTERNATIONAL AIRPORT अभी एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट 47 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है और फिलहाल एशिया में पहले स्थान पर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 52 स्क्वायर किलोमीटर में बनना प्रस्तावित है और चारों फेज पूरे होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा। इसकी पूरी निर्माण की डेडलाइन 2040 रखी गई है। पहले फेज में 3300 एकड़ में टर्मिनल और रनवे का निर्माण किया गया है। एक रनवे के साथ इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 3 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। इस फेज की लागत करीब 11 हजार करोड़ रुपये है।
इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद 20 मिनट से कम समय में बोर्डिंग संभव होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यहां से उड़ानें मई से शुरू हो सकती हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को देखते हुए एक नए एयरपोर्ट की जरूरत थी और जेवर एयरपोर्ट के रूप में आज देश को दूसरी धड़कन मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उड्डयन प्रदेश के रूप में विकसित हो रहा है। UDAN योजना के तहत हवाई यात्रा अब आम लोगों के लिए भी सुलभ हो रही है।

NOIDA INTERNATIONAL AIRPORT जिसे हम जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जानते हैं, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में बन रहा एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। यह न केवल उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, बल्कि आने वाले समय में यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया के विशालतम हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा। जेवर हवाई अड्डे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिसकी मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) है। शुरुआती योजना के अनुसार, 2024 तक यहां दो रनवे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था।
इसकी यात्री क्षमता को चरणों में बढ़ाने का लक्ष्य है:
शुरुआत में यह प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा।
विस्तार के विभिन्न चरणों के बाद, साल 2050 तक इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी।
दूरी: बुलंदशहर से 36 किमी, नोएडा से 60 किमी, गाजियाबाद और मथुरा से 70 किमी, और आगरा से लगभग 130 किमी।
परिवहन: यह यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा होगा। भविष्य में इसे नोएडा मेट्रो और दिल्ली मेट्रो (फरीदाबाद-पलवल मार्ग) से जोड़ने का प्रस्ताव है। साथ ही, फिल्म सिटी से इसे जोड़ने के लिए ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी चलाने की भी योजना है।
हाई-स्पीड रेल: दिल्ली-वाराणसी-कोलकाता हाई-स्पीड रेल लाइन का एक स्टेशन भी इस हवाई अड्डे के पास प्रस्तावित है।

जब NOIDA INTERNATIONAL AIRPORT के सभी छह रनवे तैयार हो जाएंगे, तो यह शिकागो के ओ’हारे और डलास/फोर्ट वर्थ जैसे हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल होकर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे कुल आठ रनवे तक ले जाने की संभावनाओं पर भी काम कर रही है।
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