/ Mar 21, 2026
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INS TARAGIRI: भारत की समुद्री संप्रभुता और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करते हुए भारतीय नौसेना अपने बेड़े में नवीनतम स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी’ (F41) को शामिल करने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस युद्धपोत का कमीशनिंग समारोह 3 अप्रैल 2026 को विशाखापट्टनम में आयोजित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
6,670 टन वजनी INS TARAGIRI प्रोजेक्ट 17A क्लास का चौथा शक्तिशाली प्लेटफॉर्म है। मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित यह जहाज भारतीय इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल की गई 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री है। इस परियोजना ने देश के 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सहयोग दिया है, जिससे हजारों भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

INS TARAGIRI को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख तकनीकी खूबियाँ निम्नलिखित हैं:
स्टील्थ डिजाइन: जहाज का रडार क्रॉस-सेक्शन काफी कम है, जिससे यह दुश्मन के रडार की नजरों से बचकर घातक प्रहार करने में सक्षम है।
हथियार प्रणाली: यह विश्व स्तरीय हथियारों से लैस है, जिसमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एक विशेष एंटी-सबमरीन वारफेयर सूट शामिल है।
रफ़्तार और पावर: यह ‘कंबाइंड डीजल या गैस’ (CODOG) प्रणोदन प्रणाली द्वारा संचालित है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी तक कार्य करने की क्षमता प्रदान करती है।
कॉम्बैट मैनेजमेंट: अत्याधुनिक ‘कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम’ के जरिए इसके सभी हथियारों और सेंसर को एकीकृत किया गया है, जिससे चालक दल पलक झपकते ही खतरों का जवाब दे सकता है।
INS TARAGIRI केवल एक ‘समुद्री शिकारी’ नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक कूटनीति और मानवीय संकटों के लिए भी तैयार किया गया है। INS TARAGIRI उच्च तीव्रता वाले युद्ध से लेकर ‘मानवीय सहायता और आपदा राहत’ (HADR) अभियानों तक, हर मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम है। भारतीय नौसेना का यह नया प्रहरी ‘विकसित और समृद्ध भारत’ के सपनों को सुरक्षित रखने के लिए तैयार है। यह युद्धपोत इस बात का प्रमाण है कि भारत अब अपने जहाजों को खुद डिजाइन करने, बनाने और संचालित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
युद्धपोत (Warship) एक सैन्य जलयान होता है जिसे युद्ध के उद्देश्यों के लिए बनाया और सुसज्जित किया जाता है। यह किसी देश की नौसेना की शक्ति का प्रतीक होता है। युद्धपोत सामान्य जहाजों से इस मायने में अलग होते हैं कि इनमें भारी हथियार प्रणालियाँ, मोटा कवच, उन्नत रडार व संचार तंत्र और उच्च गति की क्षमता होती है। इनके कई प्रकार होते हैं। विमानवाहक पोत समुद्र पर तैरता हुआ हवाई अड्डा होता है जिससे लड़ाकू विमान उड़ान भर सकते हैं। विध्वंसक तेज गति वाला बहुउद्देशीय युद्धपोत होता है जो पनडुब्बी, हवाई व सतही खतरों से एक साथ लड़ सकता है।

फ्रिगेट मध्यम आकार का रक्षात्मक पोत होता है जो मुख्यतः काफिले की सुरक्षा के लिए प्रयुक्त होता है। पनडुब्बी पानी के नीचे चलने वाला सबसे गुप्त व घातक युद्धपोत है। क्रूजर बड़े आकार का और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम होता है, जबकि कार्वेट छोटा व तेज पोत होता है जो तटीय रक्षा के लिए उपयुक्त माना जाता है। भारतीय नौसेना में INS विक्रमादित्य, INS विक्रांत, INS चेन्नई और INS कोलकाता जैसे प्रसिद्ध युद्धपोत हैं। INS विक्रांत विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह पूर्णतः स्वदेश में निर्मित विमानवाहक पोत है।
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