/ Jan 31, 2026
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INDIA CONSUMER AFFAIRS: उपभोक्ता मामलों के विभाग के लिए वर्ष 2025 एक परिवर्तनकारी काल रहा, जहां डिजिटल न्याय, बाजार स्थिरता और उत्पाद गुणवत्ता को प्राथमिकता दी गई। इस वर्ष विभाग ने पारंपरिक नियामक प्रणालियों से आगे बढ़कर तकनीक-आधारित शासन की दिशा में निर्णायक कदम उठाए। कागज रहित अदालतों, एआई-संचालित शिकायत निवारण और सुदृढ़ परीक्षण बुनियादी ढांचे के माध्यम से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया गया है। डिजिटल सुधारों के परिणामस्वरूप उपभोक्ता न्याय की गति और प्रभावशीलता में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

1 जनवरी 2025 को शुरू किया गया ‘ई-जागृति’ पोर्टल देश में उपभोक्ता विवाद समाधान के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरा है। इस एकीकृत प्लेटफॉर्म ने पुरानी प्रणालियों जैसे ई-दाखिल और ओसीएमएस को एक मंच पर लाकर निर्बाध डिजिटल फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई को संभव बनाया है। नवंबर 2025 तक इस प्लेटफॉर्म पर 2.81 लाख से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हुए, जिनमें 1,400 अनिवासी भारतीय भी शामिल हैं। अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी इस पोर्टल के माध्यम से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पोर्टल पर दर्ज 1.35 लाख मामलों में से 1.31 लाख का निपटारा किया जा चुका है।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) उपभोक्ताओं के लिए त्वरित समाधान का प्राथमिक केंद्र बनी रही। 17 भाषाओं में उपलब्ध इस हेल्पलाइन ने कन्वर्जेंस पार्टनर्स की संख्या बढ़ाकर 1,169 कर दी है, जिससे अदालती कार्यवाही से पहले ही शिकायतों का समाधान संभव हो पा रहा है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच हेल्पलाइन ने प्रभावी हस्तक्षेप के माध्यम से उपभोक्ताओं को 27.61 करोड़ रुपये की राशि रिफंड करवाई है। एआई-आधारित वाक् पहचान और बहुभाषी चैटबॉट जैसी सुविधाओं ने इस प्रणाली को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया है।

इसके साथ ही, “जागो ग्राहक जागो” अभियान के तहत महाकुंभ मेला 2025 जैसे बड़े आयोजनों और एसएमएस अभियानों के जरिए लगभग 66 करोड़ लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई है। बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए विभाग ने 575 केंद्रों से दैनिक डेटा एकत्र कर मूल्य निगरानी प्रणाली को मजबूत किया है। चांदी के आभूषणों पर 6-अंकीय HUID कोड अनिवार्य करने से 17.35 लाख से अधिक वस्तुओं की डिजिटल ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (NTH) ने ईवी, ड्रोन और रक्षा उपकरणों जैसे आधुनिक क्षेत्रों में अपनी परीक्षण क्षमताओं का विस्तार किया है।

उपभोक्ता संरक्षण ढांचे को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के उन्नयन हेतु राज्यों को 7.31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। कानूनी मापन के क्षेत्र में अनुपालन बोझ को कम करने के लिए 12 सरकारी अनुमोदित परीक्षण केंद्र (GATC) प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, जिससे व्यापारिक लेनदेन में सटीकता बढ़ी है। राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 2025 को “डिजिटल न्याय के माध्यम से कुशल और त्वरित निपटान” विषय के साथ मनाकर विभाग ने भविष्य की अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है।

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