INDIA EU TRADE AGREEMENT: भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच 18 साल की लंबी और जटिल बातचीत के बाद मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण तब आया, जब दोनों पक्षों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर कर दिए। इस समझौते का ऐलान 16वें भारत-EU समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपियन परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने संयुक्त रूप से किया। इस डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है, क्योंकि यह दुनिया की दो विशाल अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाती है। इस समझौते के 2027 में लागू होने की संभावना है।

INDIA EU TRADE AGREEMENT का व्यापार और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर
यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि यूरोपियन यूनियन दूसरी सबसे बड़ी। दोनों मिलकर वैश्विक जीडीपी का लगभग 25% और दुनिया के कुल व्यापार का करीब एक-तिहाई हिस्सा कवर करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को ‘दो अरब लोगों का फ्री ट्रेड जोन’ बताया है, जिससे दोनों पक्षों को भारी लाभ होगा। इस डील के तहत भारत में यूरोपीय कारों और शराब पर लगने वाले टैक्स में भारी कटौती की जाएगी:
-
लग्जरी कारों पर टैक्स: बीएमडब्ल्यू (BMW) और मर्सिडीज जैसी यूरोपीय कारों पर लगने वाला टैक्स 110% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा।
-
शराब और वाइन: यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर वर्तमान में लगने वाले 150% टैरिफ को घटाकर 20-30% करने का प्रस्ताव है

प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय नेताओं के बयान
हैदराबाद हाउस में लंबी बातचीत के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने इसे ‘साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और ब्रिटेन व एफ्टा (EFTA) के समझौतों का पूरक होगा। पीएम मोदी ने कहा कि इस डील से मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और भारत में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते से रक्षा, कृषि और क्लीन एनर्जी के क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।

यूरोपियन परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, जिन्हें पीएम मोदी ने ‘लिस्बन का गांधी’ कहा, ने इस समझौते पर खुशी जाहिर करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। कोस्टा ने अपने भारतीय कनेक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक ओवरसीज इंडियन सिटीजन भी हैं और उन्हें गोवा में अपनी जड़ों पर गर्व है। वहीं, यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप ने रणनीतिक साझेदारी और खुलेपन का चुनाव किया है, जो एक खंडित दुनिया को नई राह दिखाता है।

INDIA EU TRADE AGREEMENT में व्यापार और निवेश
आंकड़ों के मुताबिक, यूरोपियन यूनियन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। 2024 में दोनों के बीच सामान का व्यापार 120 बिलियन यूरो से अधिक था, जिसमें भारत से 71.4 बिलियन यूरो का आयात और 48.8 बिलियन यूरो का निर्यात शामिल था। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच सामान का व्यापार दोगुना हो गया है। सेवाओं के व्यापार में भी भारी वृद्धि देखी गई है, जो 2024 में 66 बिलियन यूरो से अधिक रहा। इसके अलावा, 2024 में भारत में यूरोपियन यूनियन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 132 बिलियन यूरो से अधिक था, जिससे वह भारत में सबसे बड़ा निवेशक बन गया है।

उत्तराखंड में मनाया गया पहला समान नागरिक संहिता दिवस, UCC समिति के सदस्य और अधिकारी हुए सम्मानित
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

