UTTARAKHAND RAIN: उत्तराखंड में मॉनसून की भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। चार अगस्त 2025 को राज्यभर में लगातार मूसलधार बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन, जलभराव और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे ज़िलों में भूस्खलन की घटनाएँ हुई है। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे भी कई हिस्सों पर भारी भूस्खलन के कारण बंद है। चमोली जिले में बद्रीनाथ नेशनल हाईवे भी पीपलकोटी के पास पत्थर गिरने से बंद हो गया है। धारचूला क्षेत्र में बादल फटने से मार्ग बंद हुआ है।

UTTARAKHAND RAIN के कारण सड़के बंद
राज्य की 50 से ज्यादा सड़कों पर आवागमन ठप हो गया है। देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी शहरों में हालात और भी चिंताजनक हैं, जहां सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। देहरादून में टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास असन नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। हरिद्वार में कई कारें और बाइकें सड़कों पर पानी में फंसी हुई हैं। नैनीताल जिले में भीमताल रोड और नैनीताल रोड पर मलबा गिरने से ट्रैफिक रुक गया है। नदी-नाले भी खतरे के निशान पर पहुंच गए हैं। हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर बढ़ने पर बैराज से 10,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड में, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भारी बारिश (UTTARAKHAND RAIN) की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नैनीताल और बागेश्वर जिलों में 5 अगस्त को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने और तालमेल के साथ राहत कार्यों में जुटने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि बारिश से अब तक कुछ घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन राहत और बचाव कार्य सक्रिय रूप से जारी हैं। SDRF, NDRF और पुलिस की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं।

उत्तराखंड में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर
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