MAHAKUMBH 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ जारी है। संगम तट पर आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है। हाथों में तलवार, गदा, डमरू और शंख लिए साधु-संत भभूत से लिप्त शरीर और काले चश्मे के साथ रथों और घोड़ों पर सवार होकर स्नान के लिए पहुंचे। चारों ओर “हर-हर महादेव” और “गंगा मैया की जय” के गगनभेदी जयघोष गूंज रहे हैं। सबसे पहले पंचायती निरंजनी अखाड़े के साधु-संतों ने पवित्र संगम में स्नान किया। इसके बाद सबसे बड़े जूना अखाड़े और किन्नर अखाड़े ने डुबकी लगाई। एक-एक कर सभी 13 अखाड़े अमृत स्नान कर रहे हैं।

MAHAKUMBH 2025: प्रयागराज में अद्भुत नजारा
नागा साधुओं का अद्भुत दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने उनके चरणों की धूल माथे पर लगाकर आशीर्वाद लिया। महाकुंभ के इस अंतिम स्नान का नजारा देखने के लिए न सिर्फ देशभर से बल्कि 20 से ज्यादा देशों से लोग पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर माहौल को और भव्य बना दिया। संगम का मनोरम दृश्य हर किसी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहा है। प्रयागराज जंक्शन से संगम तक का रास्ता श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ है। करीब 10 किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है, जो पैदल ही संगम तक पहुंच रही है।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। लेटे हनुमान मंदिर के दर्शन भीड़ नियंत्रण के लिए अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं और मेला क्षेत्र के सभी रास्तों को वन-वे कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। ड्रोन कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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