DELHI LIQUOR SCAM CASE: दिल्ली के शराब घोटाला मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रवर्तन निदेशालय को अरविंद केजरीवाल पर मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना भी केस चलाने की मंजूरी दे चुके हैं। ईडी ने पिछले साल केजरीवाल को शराब नीति घोटाले का मास्टरमाइंड बताते हुए PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों और आप नेताओं के साथ मिलकर यह घोटाला किया।

DELHI LIQUOR SCAM CASE का ये है पूरा मामला
मामले की शुरुआत साल 2022 में हुई थी जब दिल्ली के एलजी ने शराब नीति में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को प्राथमिकी दर्ज की और इसी के आधार पर ईडी ने भी 22 अगस्त को मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लिया।

चुनावों से पहले केस चलाने की मंजूरी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे। केजरीवाल को इस मामले में न सिर्फ व्यक्तिगत तौर पर बल्कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में भी आरोपी बनाया गया है। ईडी पहले ही केजरीवाल को गिरफ्तार कर चुकी है और अब गृह मंत्रालय की इस मंजूरी के बाद उन पर मुकदमा चलाया जा सकेगा। इस पूरे मामले में जांच एजेंसियां शराब नीति में हुई कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही हैं।

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