Uttarakhand : राज्य के मैदानी जिलों में वोटर बनने का उत्साह काफी देखा जा रहा है। पिछले नौ महीनों में प्रदेश (Uttarakhand) में 1,28,277 नए मतदाता जुड़े हैं, जिसमें देहरादून में सबसे ज्यादा 40,393 और रुद्रप्रयाग में सबसे कम 420 नए मतदाता बने हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने नई मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया है और इस पर 28 नवंबर तक आपत्तियां मांगी हैं। अगले साल 6 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि अब राज्य (Uttarakhand) में मतदाताओं की संख्या 83,71,700 हो गई है। कुल 2,42,365 नए मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि 1,14,088 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस तरह कुल 1,28,277 मतदाता बढ़े हैं। राज्य में मतदान स्थलों की संख्या भी बढ़कर 11,733 हो गई है। देहरादून में 3 और हरिद्वार में 2 नए मतदान स्थल जोड़े गए हैं, जबकि देहरादून के एक मतदान स्थल को मर्ज किया गया है। देहरादून में सबसे ज्यादा 1,882 और चंपावत में सबसे कम 344 मतदान स्थल हैं।

Uttarakhand : देहरादून में सबसे ज्यादा नए वोटर जुड़े
जिला – नए मतदाता
- देहरादून – 40,393
- ऊधमसिंह नगर – 35,845
- उत्तरकाशी – 555
- पौड़ी – 2,298
- नैनीताल – 13,934
- हरिद्वार – 21,349
- पिथौरागढ़ – 4,218
- बागेश्वर – 2,081
- चमोली – 2,294
- रुद्रप्रयाग – 420
- टिहरी – 544
- अल्मोड़ा – 1,660
- चंपावत – 2,686
Uttarakhand : मैदानी जिलों में वोटर बढ़े, लेकिन ईपी रेशियो कम
हालांकि, मैदानी जिलों में बड़ी संख्या में नए वोटर जुड़े हैं, फिर भी इन जिलों का मतदाता-जनसंख्या अनुपात (ईपी रेशियो) राज्य के औसत से कम है। Uttarakhand राज्य का औसत ईपी रेशियो 704 है, जबकि देहरादून का 633, हरिद्वार का 696 और ऊधमसिंह नगर का 591 है। पर्वतीय जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल का ईपी रेशियो राज्य औसत से अधिक है।


