महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट में कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। अदालत ने अभिनेता की नागरिकता और भारत में उनके अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सवाल किया कि जब इमरान खान बचपन से भारत में रह रहे हैं, यहीं पढ़ाई की है और बॉलीवुड में पहचान बनाई है, तो उन्होंने भारतीय नागरिकता क्यों नहीं स्वीकार की?
अभिनेता इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। अदालत ने स्पष्ट किया कि OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान अधिकार प्राप्त नहीं होते।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के विरोध में किया जा रहा था।
इस दौरान अभिनेता इमरान खान भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। इस घटना के बाद उनके खिलाफ कथित तौर पर गैरकानूनी जमावड़े से जुड़ी FIR दर्ज हुई।
इसके बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को आगे बढ़ाया और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को जानकारी दी।
FRRO ने 14 अक्टूबर को अभिनेता को लीव इंडिया नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन्हें निर्धारित समय के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
इमरान खान ने इस नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी और इसे मनमाना बताते हुए राहत की मांग की।
हाईकोर्ट ने नागरिकता को लेकर क्या कहा?
2 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने मामले की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इमरान खान OCI कार्डधारक हैं और उन्हें भारतीय नागरिकों के समान नहीं माना जा सकता।
अदालत ने सवाल किया कि जब अभिनेता बचपन से भारत में रह रहे हैं, यहां पढ़ाई की है, काम किया है और बॉलीवुड में नाम कमाया है, तो वे भारतीय नागरिकता क्यों नहीं स्वीकार कर लेते?
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि SIR प्रक्रिया से अभिनेता का सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है, क्योंकि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं।
पीठ ने उनके वकील से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि अभिनेता प्रदर्शन स्थल पर किस उद्देश्य से पहुंचे थे और क्या उनका प्रदर्शन आयोजित करने वाले लोगों से कोई संबंध था।
अदालत ने मांगी बिना शर्त माफी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इमरान खान से भविष्य में इस तरह के विरोध प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन देने को कहा।
अदालत ने कहा कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अभिनेता को बिना शर्त माफी भी मांगनी होगी।
अदालत की टिप्पणी थी कि यदि अभिनेता अनजाने में प्रदर्शन में शामिल हुए थे, तो उन्हें अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त करना चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि एक लोकप्रिय अभिनेता होने के नाते उनकी जिम्मेदारी अधिक है, क्योंकि उनके बयानों और गतिविधियों का उनके प्रशंसकों पर प्रभाव पड़ सकता है।
इसके बाद इमरान खान की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी और भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन प्रस्तुत किया गया।
इमरान खान ने अपने बचाव में क्या कहा?
अभिनेता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल का प्रदर्शन के आयोजकों से कोई संबंध नहीं था।
उन्होंने कहा कि इमरान खान प्रदर्शन स्थल पर केवल यह देखने पहुंचे थे कि वहां लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है और लोगों की आवाजों को क्यों दबाया जा रहा है।
अपने लिखित आश्वासन में इमरान खान ने कहा कि उनका किसी को उकसाने या प्रदर्शन में भाग लेने का इरादा नहीं था।
उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले 42 वर्षों से भारत में रह रहे हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
अभिनेता ने अदालत को बताया कि उनकी शादी भारत में हुई है और उनकी एक बेटी भी है। उनका परिवार और पेशेवर जीवन भारत से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि OCI कार्डधारक होने के बावजूद उनके मन में भारत और यहां के संविधान के प्रति सम्मान है।
केंद्र सरकार ने क्या दलील दी?
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत में दलील दी कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और OCI कार्डधारक होने के कारण उन्हें भारत में रहने का असीमित कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है।
केंद्र की ओर से कहा गया कि सरकार को विदेशी नागरिकों को भारत छोड़ने का निर्देश देने का अधिकार है।
सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि अभिनेता ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाया था। हालांकि, अभिनेता की ओर से इन आरोपों का विरोध किया गया।
7 दिसंबर तक मिली अंतरिम राहत
हाईकोर्ट ने इमरान खान की बिना शर्त माफी और लिखित आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया। अदालत ने FRRO के लीव इंडिया नोटिस पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिनेता को संबंधित अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। FRRO द्वारा मामले पर निर्णय लेने तक नोटिस पर रोक जारी रहेगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
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OCI कार्ड और भारतीय नागरिकता को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
यह मामला केवल एक अभिनेता तक सीमित नहीं है, बल्कि OCI कार्डधारकों के अधिकारों और भारत में उनकी कानूनी स्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा पैदा करता है।
OCI कार्ड भारत में रहने, काम करने और कई अन्य सुविधाओं का अधिकार देता है, लेकिन यह भारतीय नागरिकता नहीं है। OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों की तरह मतदान करने और कुछ संवैधानिक राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं होते।
इस मामले में अदालत की अंतिम कानूनी राय और FRRO का निर्णय महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल अभिनेता को अंतरिम राहत मिली हुई है और उन्हें संबंधित कार्यवाही में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।

