प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे में शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पुणे मेट्रो की लाइन-3 (पिंक लाइन) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण यानी फेज-II की चार नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 21,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुणे के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।
8,300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई पिंक लाइन
पुणे मेट्रो की लाइन-3 को पिंक लाइन के नाम से जाना जाता है। लगभग 23 किलोमीटर लंबी यह मेट्रो लाइन मान से शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इस परियोजना के निर्माण पर 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पुणे के प्रमुख आईटी हब हिंजवड़ी को शहर के महत्वपूर्ण व्यावसायिक और प्रशासनिक केंद्र शिवाजीनगर से जोड़ेगा। इससे आईटी कंपनियों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों, विद्यार्थियों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक हिंजवड़ी और शिवाजीनगर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सड़क मार्ग पर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता था। मेट्रो सेवा शुरू होने से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित परिवहन विकल्प मिलेगा।
महिलाओं के हाथों में होगी मेट्रो संचालन की जिम्मेदारी
पुणे मेट्रो लाइन-3 की एक खास उपलब्धि यह है कि इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। यह पहल सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इसके अलावा परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मेट्रो की कुल बिजली जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की योजना है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।
प्रारंभिक चरण में इस कॉरिडोर के 17 स्टेशनों पर यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू होंगी। बाकी स्टेशनों को भी चरणबद्ध तरीके से परिचालन में शामिल किया जाएगा। यात्री सेवाएं 4 नवंबर 2026 से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
फेज-II के तहत चार नई मेट्रो लाइनों का विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की चार नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं पर लगभग 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनमें लाइन-2A, लाइन-2B, लाइन-4 और लाइन-4A शामिल हैं।
1. लाइन-2A: वनाज से चांदनी चौक
इस कॉरिडोर के माध्यम से वनाज और चांदनी चौक के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इससे पश्चिमी पुणे के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
2. लाइन-2B: रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी
यह कॉरिडोर लगभग 12.75 किलोमीटर के संयुक्त विस्तार का हिस्सा होगा। इसके माध्यम से रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक मेट्रो सेवा का विस्तार किया जाएगा। इससे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
3. लाइन-4: खराड़ी से खड़कवासला
लगभग 25.52 किलोमीटर लंबी यह लाइन पुणे के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ेगी। इससे खराड़ी, मगरपट्टा, हड़पसर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
4. लाइन-4A: नल स्टॉप से माणिक बाग
लगभग 6.12 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर नल स्टॉप को माणिक बाग से जोड़ेगा। इससे दक्षिणी पुणे के कई इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
पुणे में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण सड़क यातायात पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
नई मेट्रो परियोजनाओं से खराड़ी, मगरपट्टा, हड़पसर, स्वारगेट, माणिक बाग, नांदेड़ सिटी, पुणे कैंटोनमेंट और वारजे जैसे प्रमुख क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इसके साथ ही स्वारगेट, नल स्टॉप और खराड़ी बाईपास जैसे स्थानों पर इंटरचेंज सुविधाओं के माध्यम से नई मेट्रो लाइनों को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और इंटरसिटी बस सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में आसानी होगी।
इन परियोजनाओं के निर्माण और संचालन से इंजीनियरिंग, निर्माण, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पुणे देश के युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में पुणे की अहम भूमिका है। ऐसे में मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी शहर के विकास को नई गति प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरों की पहचान केवल उद्योगों और व्यापार से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध बेहतर सुविधाओं और जीवन की गुणवत्ता से भी होती है। मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं लोगों का समय बचाती हैं और आर्थिक गतिविधियों को गति देती हैं।
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निष्कर्ष
पुणे मेट्रो लाइन-3 का उद्घाटन और फेज-II की 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पुणे का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पहले से अधिक व्यापक और आधुनिक होगा। इससे न केवल ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि शहर के आर्थिक विकास, रोजगार और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

