Cloud Gaming एक ऐसी तकनीक है, जिसमें बड़े और भारी वीडियो गेम आपके फोन या कंप्यूटर पर नहीं, बल्कि दूर बैठे ताकतवर सर्वर पर चलते हैं और आपको इंटरनेट के जरिए सिर्फ उनका वीडियो दिखाया जाता है। यानी महंगे गेमिंग कंसोल या हजारों रुपये के ग्राफिक्स कार्ड के बिना भी आप हाई क्वालिटी गेम खेल सकते हैं। जिस तरह आज फिल्में डाउनलोड किए बिना OTT पर देखी जाती हैं, ठीक वैसे ही गेम भी अब स्ट्रीम होने लगे हैं।
आम गेमिंग से यह कैसे अलग है?
सामान्य तरीके में गेम आपके डिवाइस में इंस्टॉल होता है और उसका पूरा भार आपके डिवाइस के प्रोसेसर और ग्राफिक्स पर पड़ता है। इसलिए बड़े गेम के लिए महंगा हार्डवेयर और काफी स्टोरेज चाहिए होता है। इस नई तकनीक में सारा भारी काम कंपनी के डेटा सेंटर में होता है। आपका फोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी सिर्फ एक स्क्रीन और कंट्रोलर की तरह काम करता है।
Cloud Gaming कैसे काम करती है?
जब आप कोई गेम शुरू करते हैं, तो वह कंपनी के सर्वर पर ताकतवर ग्राफिक्स कार्ड की मदद से चलता है। सर्वर हर पल की तस्वीर को वीडियो में बदलकर तेज इंटरनेट के जरिए आपकी स्क्रीन तक भेजता है। आप जैसे ही कोई बटन दबाते हैं या स्क्रीन छूते हैं, वह कमांड तुरंत सर्वर तक पहुंचती है।
सर्वर उसी हिसाब से गेम में बदलाव करता है और नई तस्वीर वापस भेज देता है। यह पूरा आना जाना एक सेकंड के बहुत छोटे हिस्से में होता है। इसी देरी को लेटेंसी कहा जाता है, और यह जितनी कम होगी, गेम उतना ही स्मूथ चलेगा।
इसके लिए क्या जरूरी है?
सबसे जरूरी चीज है तेज और स्थिर इंटरनेट। ज्यादातर सेवाएं फुल HD क्वालिटी के लिए करीब 15 से 25 Mbps की स्पीड की सलाह देती हैं, और कनेक्शन बार बार टूटना नहीं चाहिए। घर में 5GHz वाला वाई फाई या LAN केबल सबसे अच्छा रहता है। मोबाइल डेटा पर खेलने से पहले यह ध्यान रखें कि एक घंटे की गेमिंग में कई GB डेटा खर्च हो सकता है।
कौन सी सेवाएं यह सुविधा देती हैं?
NVIDIA GeForce NOW, Xbox Cloud Gaming और Amazon Luna इस क्षेत्र की जानी मानी सेवाएं हैं। Sony भी अपने PlayStation Plus के ऊंचे प्लान में कुछ गेम स्ट्रीम करने की सुविधा देती है। इनमें से कई सेवाएं हर देश में एक जैसी उपलब्ध नहीं होतीं। भारत में इस्तेमाल करने से पहले उनकी उपलब्धता, नजदीकी सर्वर और प्लान की कीमत जरूर जांच लें।
इसके फायदे
महंगा कंसोल या गेमिंग PC खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और गेम डाउनलोड करने का इंतजार भी नहीं करना पड़ता। फोन की स्टोरेज भी खाली रहती है। एक ही अकाउंट से आप फोन, टैबलेट, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी पर वहीं से खेल सकते हैं जहां छोड़ा था। सर्वर पर चलने की वजह से आपका फोन भी ज्यादा गर्म नहीं होता।

इसकी कमियां भी जान लें
इंटरनेट धीमा हो या ज्यादा पिंग आए, तो गेम में अटकन और तस्वीर धुंधली होने लगती है। तेज रफ्तार वाले शूटिंग गेम में थोड़ी सी देरी भी मुश्किल पैदा कर सकती है। ज्यादातर सेवाओं के लिए हर महीने सब्सक्रिप्शन देना पड़ता है, और सेवा बंद होने पर गेम तक पहुंच भी खत्म हो सकती है। सीमित डेटा वाले कनेक्शन पर यह महंगा भी पड़ सकता है।
मोबाइल और गेमिंग से जुड़ी और जानकारी
अपने फोन पर गेमिंग का अनुभव बेहतर बनाने के लिए ये लेख भी पढ़ें: गेम खेलते समय फोन गर्म होने से कैसे बचाएं, फोन खरीदते समय UFS 4.0 स्टोरेज क्यों जरूरी है और फोन में Virtual RAM क्या होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या Cloud Gaming के लिए महंगा फोन चाहिए?
नहीं, क्योंकि गेम सर्वर पर चलता है, इसलिए साधारण फोन भी काम कर जाता है। बस अच्छी स्क्रीन, स्थिर इंटरनेट और सपोर्टेड ऐप या ब्राउजर होना चाहिए।
2. एक घंटे की Cloud Gaming में कितना डेटा खर्च होता है?
यह क्वालिटी पर निर्भर करता है। फुल HD पर खेलने से आम तौर पर हर घंटे कई GB डेटा खर्च होता है, इसलिए अनलिमिटेड वाई फाई सबसे अच्छा विकल्प है।
3. क्या Cloud Gaming में कंट्रोलर जरूरी है?
कई गेम टच कंट्रोल से भी खेले जा सकते हैं, लेकिन बेहतर अनुभव के लिए ब्लूटूथ कंट्रोलर, कीबोर्ड या माउस जोड़ना अच्छा रहता है।
4. Cloud Gaming तकनीक के इतिहास के बारे में ज्यादा कहां पढ़ें?
इसकी विस्तृत जानकारी विकिपीडिया पर उपलब्ध है।
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उपरोक्त Cloud Gaming से जुड़ी जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

