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IP Address and MAC Address में क्या है अंतर? आसान भाषा में पूरी जानकारी

IP Address and MAC Address दोनों ही किसी डिवाइस की इंटरनेट और नेटवर्क पर पहचान होते हैं, लेकिन दोनों का काम बिल्कुल अलग है। एक बताता है कि डिवाइस नेटवर्क में कहां है, जबकि दूसरा बताता है कि वह डिवाइस असल में कौन है। फोन की सेटिंग्स या वाई-फाई राउटर में आपने भी ये दोनों नाम जरूर देखे होंगे। ज्यादातर लोग इन्हें एक ही चीज समझ लेते हैं, जबकि इनका फर्क समझना ऑनलाइन सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

IP Address क्या होता है?

आईपी एड्रेस यानी इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस एक डिजिटल पता है, जो किसी डिवाइस को नेटवर्क से जुड़ने पर दिया जाता है। इसी पते की मदद से इंटरनेट पर डेटा सही डिवाइस तक पहुंचता है। पुराना आईपीवी4 पता चार हिस्सों वाले नंबर जैसा दिखता है, जैसे 192.168.1.10।

नया आईपीवी6 पता काफी लंबा होता है क्योंकि दुनिया में डिवाइस इतने बढ़ गए हैं कि पुराने पते कम पड़ने लगे। यह पता आम तौर पर आपकी इंटरनेट कंपनी या घर का राउटर देता है। इसलिए जब आप घर का वाई-फाई छोड़कर मोबाइल डेटा या ऑफिस के नेटवर्क पर जाते हैं, तो आपका आईपी एड्रेस बदल जाता है।

MAC Address क्या होता है?

मैक एड्रेस यानी मीडिया एक्सेस कंट्रोल एड्रेस डिवाइस के नेटवर्क हार्डवेयर की स्थायी पहचान है। इसे फोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनी ही तय करती है। यह कोलन से अलग किए गए छह जोड़ी अंकों और अक्षरों जैसा दिखता है, जैसे 3C:5A:B4:12:9F:7E।

इसके शुरुआती हिस्से से यह भी पता चल जाता है कि डिवाइस किस कंपनी ने बनाया है। मैक एड्रेस मुख्य रूप से घर या ऑफिस के लोकल नेटवर्क के अंदर काम आता है। राउटर इसी से पहचानता है कि उससे कौन सा डिवाइस जुड़ा है।

IP Address and MAC Address में मुख्य अंतर

सबसे आसान तरीके से समझें तो आईपी एड्रेस आपके घर के पते जैसा है, जो शहर बदलने पर बदल जाता है। वहीं मैक एड्रेस आपके आधार नंबर जैसा है, जो आप कहीं भी जाएं, वही रहता है। आईपी एड्रेस एक लॉजिकल यानी सॉफ्टवेयर आधारित पता है, जबकि मैक एड्रेस हार्डवेयर से जुड़ा फिजिकल पता है। आईपी नेटवर्क देता है और मैक कंपनी तय करती है।

आईपी एड्रेस से डेटा दुनिया भर के अलग अलग नेटवर्क के बीच सफर करता है। मैक एड्रेस का काम उस डेटा को लोकल नेटवर्क में सही डिवाइस तक पहुंचाने का होता है। एक और फर्क यह है कि आपकी वेबसाइट विजिट के दौरान आपका सार्वजनिक आईपी एड्रेस सामने वाले सर्वर को दिख जाता है। जबकि मैक एड्रेस आम तौर पर आपके लोकल नेटवर्क से बाहर नहीं जाता।

IP Address and MAC Address
IP Address and MAC Address

दोनों मिलकर कैसे काम करते हैं?

जब आप फोन पर कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो जवाब का डेटा पहले आईपी एड्रेस के सहारे आपके घर के राउटर तक आता है। इसके बाद राउटर एआरपी नाम की प्रक्रिया से पता लगाता है कि वह आईपी किस मैक एड्रेस वाले डिवाइस का है।

इसे कूरियर की तरह समझिए। आईपी एड्रेस पार्सल को आपकी सोसाइटी तक पहुंचाता है और मैक एड्रेस बताता है कि पार्सल किस फ्लैट में जाना है। यानी इंटरनेट चलाने के लिए IP Address and MAC Address दोनों की बराबर जरूरत होती है।

सुरक्षा और प्राइवेसी से इनका रिश्ता

आईपी एड्रेस से आपके शहर या इलाके का मोटा अंदाजा लगाया जा सकता है। इसलिए कई लोग प्राइवेसी के लिए भरोसेमंद वीपीएन का इस्तेमाल करते हैं। कई राउटर में मैक फिल्टरिंग का विकल्प होता है, जिससे सिर्फ चुने हुए डिवाइस ही वाई-फाई से जुड़ सकते हैं। वहीं नए एंड्रॉयड फोन और आईफोन ट्रैकिंग से बचाने के लिए हर वाई-फाई नेटवर्क पर अलग निजी मैक एड्रेस इस्तेमाल करते हैं।

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घर के इंटरनेट को तेज बनाने के लिए जानिए धीमे वाई-फाई की समस्या कैसे दूर करें। नए राउटर से पहले समझें वाई-फाई 7 और वाई-फाई 6 में असली फर्क, और फोन की सुरक्षा के लिए जरूर पढ़ें बिना क्लिक के फोन हैक करने वाला खतरा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या IP Address and MAC Address दोनों बदले जा सकते हैं?

आईपी एड्रेस नेटवर्क बदलने पर अपने आप बदल जाता है। मैक एड्रेस हार्डवेयर में तय होता है, लेकिन सॉफ्टवेयर के जरिए नेटवर्क पर दिखने वाला मैक बदला जा सकता है।

2. फोन में अपना आईपी और मैक एड्रेस कैसे देखें?

एंड्रॉयड फोन में सेटिंग्स के “अबाउट फोन” या वाई-फाई नेटवर्क की जानकारी में दोनों दिख जाते हैं। आईफोन में वाई-फाई नेटवर्क के नाम पर टैप करके इन्हें देखा जा सकता है।

3. क्या किसी के आईपी एड्रेस से उसका सटीक घर पता चल सकता है?

आम तौर पर नहीं। आईपी से सिर्फ शहर या इलाके का अंदाजा मिलता है, सटीक पता केवल इंटरनेट कंपनी के रिकॉर्ड से कानूनी प्रक्रिया के तहत ही निकाला जा सकता है।

4. दोनों के तकनीकी फर्क को और गहराई से कहां समझें?

नेटवर्क की परतों और एआरपी प्रक्रिया को विस्तार से समझने के लिए यह अंग्रेजी लेख उपयोगी है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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