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Hi-Res Audio Certification क्या है? नया ईयरबड्स या हेडफोन लेने से पहले जानें इसके बारे में!

Hi-Res Audio Certification एक खास प्रमाणपत्र है, जो बताता है कि कोई हेडफोन, ईयरबड्स, स्पीकर या म्यूजिक प्लेयर सामान्य सीडी से कहीं बेहतर क्वालिटी की आवाज चलाने में सक्षम है। इसकी पहचान प्रोडक्ट के बॉक्स पर छपा सुनहरा और काला “हाई-रेज ऑडियो” लोगो होता है। नए ईयरबड्स या हेडफोन खरीदते समय आपने भी यह लोगो जरूर देखा होगा।

Hi-Res Audio Certification क्या है?

यह सर्टिफिकेशन जापान की संस्था जापान ऑडियो सोसाइटी देती है, जिसे जेएएस भी कहा जाता है। संस्था ने साल 2014 में हाई-रेज ऑडियो की परिभाषा तय की थी और तब से कंपनियां जांच के बाद अपने प्रोडक्ट पर यह लोगो लगाती हैं। आसान शब्दों में, यह लोगो इस बात की गारंटी है कि डिवाइस ऐसी बारीक आवाजें भी चला सकता है, जो सामान्य ऑडियो फाइलों में दब जाती हैं या कट जाती हैं।

हाई-रेज ऑडियो और सामान्य ऑडियो में फर्क

सामान्य सीडी की क्वालिटी 16 बिट और 44.1 किलोहर्ट्ज मानी जाती है। वहीं एमपी3 जैसी फाइलें जगह बचाने के लिए आवाज के कई हिस्सों को हटा देती हैं। हाई-रेज ऑडियो में कम से कम 24 बिट और 96 किलोहर्ट्ज की रिकॉर्डिंग होती है।

Hi-Res Audio Certification से गाने में हर वाद्य यंत्र की आवाज ज्यादा साफ, गहरी और स्टूडियो जैसी सुनाई देती है। इसे ऐसे समझिए जैसे एक सामान्य फोटो और एक बहुत हाई रेजोल्यूशन फोटो। दूर से दोनों एक जैसी दिखती हैं, लेकिन ध्यान से देखने पर दूसरी में कहीं ज्यादा बारीकियां नजर आती हैं।

लोगो पाने के लिए कौन से नियम पूरे करने होते हैं?

हेडफोन, स्पीकर और एम्पलीफायर जैसे डिवाइस को कम से कम 40 किलोहर्ट्ज तक की फ्रीक्वेंसी चलाने में सक्षम होना चाहिए। आम इंसान लगभग 20 किलोहर्ट्ज तक ही सुन पाता है, इसलिए यह नियम काफी सख्त माना जाता है। डिजिटल डिवाइस, जैसे म्यूजिक प्लेयर या डीएसी, को कम से कम 24 बिट और 96 किलोहर्ट्ज की फाइल बिना क्वालिटी घटाए चलानी होती है। साथ ही कंपनी को संस्था की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

वायरलेस ईयरबड्स के लिए अलग लोगो

ब्लूटूथ पर आवाज भेजते समय आम तौर पर उसे दबाकर छोटा किया जाता है, जिससे क्वालिटी घट जाती है। इसी वजह से जेएएस ने वायरलेस डिवाइस के लिए “हाई-रेज ऑडियो वायरलेस” नाम का अलग लोगो शुरू किया। यह लोगो उन्हीं डिवाइस को मिलता है, जो संस्था से मंजूर किए गए खास कोडेक का इस्तेमाल करते हैं।

सोनी का एलडीएसी और एलसी3प्लस जैसे कोडेक इसी श्रेणी में आते हैं। ध्यान रखें कि ईयरबड्स के साथ आपके फोन में भी वही कोडेक होना जरूरी है। वरना Hi-Res Audio Certification वाले ईयरबड्स भी सामान्य क्वालिटी में ही आवाज देंगे।

Hi-Res Audio
Hi-Res Audio

क्या आपको सच में इसकी जरूरत है?

अगर आप ज्यादातर यूट्यूब, सोशल मीडिया या सामान्य स्ट्रीमिंग पर गाने सुनते हैं, तो फर्क बहुत कम महसूस होगा। वजह यह है कि ऐसे प्लेटफॉर्म की ज्यादातर फाइलें खुद ही हाई-रेज नहीं होतीं। लेकिन अगर आप संगीत के शौकीन हैं, म्यूजिक प्रोडक्शन करते हैं या एप्पल म्यूजिक और अमेजन म्यूजिक जैसी सेवाओं पर हाई-रेज लॉसलेस गाने सुनते हैं, तो यह फीचर आपके काम का है।

पूरा फायदा तभी मिलेगा, जब गाने की फाइल, फोन या प्लेयर और हेडफोन, तीनों हाई-रेज को सपोर्ट करें। कोई एक कड़ी भी कमजोर हुई, तो क्वालिटी उसी स्तर पर आ जाएगी।

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नए ईयरबड्स लेने से पहले जानिए वायरलेस ईयरबड्स खरीदते समय किन फीचर्स पर ध्यान दें। एक साथ कई लोगों के साथ गाने सुनने की नई तकनीक के लिए पढ़ें ब्लूटूथ ऑराकास्ट क्या है, और फोन की आवाज समझने के लिए देखें स्टीरियो और मोनो स्पीकर का मतलब।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Hi-Res Audio Certification कौन देता है?

Hi-Res Audio सर्टिफिकेशन जापान ऑडियो सोसाइटी देती है। कंपनियां तय नियमों पर खरा उतरने के बाद ही अपने प्रोडक्ट पर इसका लोगो लगा सकती हैं।

2. क्या Hi-Res Audio Certification वाले ईयरबड्स हर फोन पर बेहतर आवाज देंगे?

नहीं, Hi-Res Audio के लिए फोन में भी एलडीएसी जैसे हाई-रेज कोडेक का सपोर्ट होना चाहिए। साथ ही गाने की फाइल भी हाई-रेज होनी चाहिए।

3. क्या सामान्य इंसान को फर्क सुनाई देता है?

अच्छे हेडफोन और शांत माहौल में ध्यान से सुनने पर कई लोगों को फर्क महसूस होता है। सामान्य बातचीत या वीडियो देखते समय यह फर्क काफी कम रह जाता है।

4. Hi-Res Audio Certification के नियमों की आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?

इसकी पूरी परिभाषा और नियम जापान ऑडियो सोसाइटी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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