Bluetooth Auracast एक नई वायरलेस तकनीक है, जिसकी मदद से एक ही फोन, टीवी या स्पीकर से एक साथ कई ईयरबड्स और हेडफोन पर आवाज भेजी जा सकती है। यानी अब एक गाना या एक मूवी कई लोग अपने अपने ईयरफोन पर एक साथ सुन सकेंगे। अभी तक अगर दोस्त के साथ गाना सुनना हो, तो एक ईयरबड आप लगाते थे और दूसरा वो। ज्यादा लोगों के लिए स्पीकर ही आखिरी रास्ता था।
Bluetooth Auracast क्या है?
ऑराकास्ट ब्लूटूथ का एक खास फीचर है, जिसे ब्लूटूथ तकनीक को संभालने वाली संस्था ब्लूटूथ एसआईजी ने साल 2022 में पेश किया था। यह ब्लूटूथ के नए वर्जन “एलई ऑडियो” पर आधारित है। पुराना ब्लूटूथ एक डिवाइस को एक ही डिवाइस से जोड़ता है, जिसे पेयरिंग कहते हैं। ऑराकास्ट इस नियम को बदल देता है और एक डिवाइस को रेडियो स्टेशन की तरह आवाज प्रसारित करने की ताकत देता है।
यह तकनीक काम कैसे करती है?
Bluetooth Auracast में एक डिवाइस ट्रांसमीटर बनता है, जैसे आपका फोन या टीवी। यह आसपास अपनी ऑडियो स्ट्रीम को प्रसारित करता है, ठीक वैसे ही जैसे वाई-फाई का नेटवर्क दिखाई देता है। आसपास मौजूद लोग अपने फोन में उपलब्ध स्ट्रीम की लिस्ट देखकर उसे चुन सकते हैं।
कई जगह क्यूआर कोड स्कैन करके भी सीधे स्ट्रीम से जुड़ा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर स्ट्रीम पर पासवर्ड भी लगाया जा सकता है। इससे केवल वही लोग आवाज सुन पाएंगे, जिन्हें आप अनुमति देंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इससे जुड़ने वाले डिवाइस की संख्या की कोई तय सीमा नहीं है। एक स्ट्रीम को कितने भी संगत ईयरबड्स, हेडफोन या स्पीकर एक साथ सुन सकते हैं।
ऑडियो शेयरिंग में क्या बदलाव आएगा?
दोस्तों के साथ सफर में अब हर कोई अपने ईयरबड्स पर एक ही गाना सुन सकेगा। फोन से बार बार डिवाइस बदलने का झंझट भी नहीं रहेगा। जिम, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या रेस्टोरेंट में लगे टीवी अक्सर बिना आवाज के चलते हैं। Bluetooth Auracast आने के बाद लोग उस टीवी की आवाज सीधे अपने ईयरफोन पर सुन सकेंगे। एयरपोर्ट और स्टेशन पर होने वाली घोषणाएं भी शोर के बीच सीधे कान तक पहुंच सकती हैं।
कॉन्फ्रेंस हॉल में अलग अलग भाषाओं का अनुवाद भी इसी तरीके से सुनाया जा सकता है। घर पर देर रात मूवी देखते समय परिवार के बाकी लोग अपने हेडफोन लगाकर टीवी सुन सकते हैं। इससे सोते हुए सदस्यों की नींद भी खराब नहीं होगी।
कम सुनने वाले लोगों के लिए बड़ा बदलाव यह तकनीक कम सुनने वाले लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी मानी जा रही है। कई नए हियरिंग एड में ऑराकास्ट सपोर्ट आने लगा है। ऐसे लोग मंदिर, सिनेमा हॉल, क्लासरूम या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में आवाज सीधे अपने हियरिंग एड में साफ सुन सकेंगे। उन्हें अलग से कोई महंगा उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

किन डिवाइस में मिलता है यह फीचर?
इसके लिए फोन और ईयरबड्स दोनों में ब्लूटूथ 5.2 या उससे नया वर्जन और एलई ऑडियो का सपोर्ट होना जरूरी है। सिर्फ नया ब्लूटूथ वर्जन होना काफी नहीं है, कंपनी की ओर से ऑराकास्ट सपोर्ट भी चाहिए। सैमसंग के कई नए गैलेक्सी फोन और ईयरबड्स में यह सुविधा मिलती है।
सेनहाइजर, जेबीएल और फिलिप्स जैसे ब्रांड भी अपने नए स्पीकर, हेडफोन और टीवी में इसे जोड़ रहे हैं। पुराने ब्लूटूथ डिवाइस आम तौर पर ऑराकास्ट स्ट्रीम से नहीं जुड़ पाते। हालांकि कुछ कंपनियां सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए पुराने मॉडल में भी यह सुविधा देने पर काम कर रही हैं।
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नए ब्लूटूथ वर्जन को बेहतर समझने के लिए पढ़ें ब्लूटूथ 5.0 और 5.3 में क्या अंतर है। नए ईयरबड्स लेने से पहले देखें वायरलेस ईयरबड्स खरीदते समय किन फीचर्स पर ध्यान दें, और फोन की आवाज की क्वालिटी समझने के लिए जानें स्टीरियो और मोनो स्पीकर का मतलब।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या Bluetooth Auracast के लिए पेयरिंग जरूरी है?
नहीं, इसमें सामान्य पेयरिंग की जरूरत नहीं होती। आप उपलब्ध स्ट्रीम को चुनकर या क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे आवाज सुन सकते हैं।
2. Bluetooth Auracast में एक स्ट्रीम से कितने डिवाइस जुड़ सकते हैं?
तकनीकी रूप से इसकी कोई तय सीमा नहीं है। रेंज के अंदर मौजूद सभी संगत डिवाइस एक साथ आवाज सुन सकते हैं।
3. क्या मेरे पुराने ईयरबड्स Bluetooth Auracast में काम करेंगे?
ज्यादातर पुराने ईयरबड्स इसमें काम नहीं करेंगे, क्योंकि इनमें एलई ऑडियो का सपोर्ट नहीं होता। खरीदने से पहले बॉक्स या स्पेसिफिकेशन में ऑराकास्ट सपोर्ट जरूर देखें।
4. Bluetooth Auracast वाले डिवाइस की जानकारी कहां मिलेगी?
नए डिवाइस और इस तकनीक से जुड़ी आधिकारिक जानकारी ब्लूटूथ एसआईजी की वेबसाइट पर मिल जाती है।
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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

