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Phone में NPU क्या होता है और AI Features के लिए क्यों जरूरी है?

NPU यानी न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट, फोन के प्रोसेसर का वह खास हिस्सा है जो सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कामों को तेजी और कम बैटरी खर्च के साथ पूरा करने के लिए बनाया गया है। आजकल हर नए स्मार्टफोन के विज्ञापन में एआई फीचर्स की बात होती है। फोटो से अनचाही चीज हटाना, कॉल का लाइव अनुवाद और बातचीत का सारांश जैसे फीचर्स अब आम हो रहे हैं।

NPU क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

फोन के प्रोसेसर में आमतौर पर तीन मुख्य हिस्से होते हैं: सीपीयू, जीपीयू और एनपीयू। सीपीयू रोजमर्रा के सामान्य काम संभालता है, जबकि जीपीयू गेम और ग्राफिक्स पर ध्यान देता है। एआई मॉडल को चलाने के लिए एक साथ लाखों छोटे गणितीय हिसाब करने पड़ते हैं।

एनपीयू को खास तौर पर इन्हीं हिसाबों के लिए डिजाइन किया गया है, इसलिए यह ये काम बाकी दोनों से कहीं ज्यादा कुशलता से करता है। इसकी ताकत को टॉप्स में मापा जाता है, यानी यह एक सेकंड में कितने खरब ऑपरेशन कर सकता है। जितना ज्यादा टॉप्स, उतना तेज एआई प्रोसेसिंग।

एआई फीचर्स के लिए एनपीयू क्यों जरूरी है?

पहला कारण है रफ्तार। जब एआई का काम फोन के अंदर ही होता है, तो डेटा को इंटरनेट के जरिए दूर के सर्वर पर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती और जवाब तुरंत मिलता है। दूसरा कारण है प्राइवेसी। आपकी फोटो, आवाज और मैसेज फोन में ही प्रोसेस होते हैं, इसलिए निजी डेटा बाहर जाने का खतरा कम रहता है।

तीसरा कारण है बैटरी की बचत। वही एआई काम अगर सीपीयू या जीपीयू पर चलाया जाए तो फोन जल्दी गर्म होता है और बैटरी तेजी से खत्म होती है। चौथा फायदा यह है कि कई एआई फीचर्स बिना इंटरनेट के भी काम कर पाते हैं, जैसे ऑफलाइन अनुवाद या आवाज को टेक्स्ट में बदलना।

रोजमर्रा में कहां काम आता है?

यह चिप कैमरे से फोटो खींचते ही सीन पहचानना, नाइट मोड में साफ तस्वीर बनाना और पोर्ट्रेट में बैकग्राउंड धुंधला करना इसी की मदद से होता है। फेस अनलॉक, वॉयस असिस्टेंट, कीबोर्ड पर अगला शब्द सुझाना, कॉल में शोर कम करना और रिकॉर्डिंग का सारांश बनाना भी इसी पर निर्भर करता है।

अलग अलग कंपनियों में अलग नाम

हर चिप कंपनी इसे अपने नाम से पेश करती है। क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन प्रोसेसर में यह हेक्सागन एनपीयू कहलाता है, जबकि एप्पल इसे न्यूरल इंजन कहता है। गूगल के टेंसर चिप में टीपीयू और मीडियाटेक के डाइमेंसिटी प्रोसेसर में एपीयू नाम से यही काम होता है। नाम भले अलग हों, मकसद एक ही है।

NPU
NPU

फोन खरीदते समय क्या देखें?

अगर आप एआई फीचर्स के लिए फोन ले रहे हैं, तो सिर्फ रैम और कैमरा मेगापिक्सल पर न जाएं। प्रोसेसर की पीढ़ी और उसकी एआई क्षमता भी जांचें। ध्यान रखें कि कई बड़े एआई फीचर्स अब भी क्लाउड पर चलते हैं और कुछ फीचर्स सिर्फ महंगे फ्लैगशिप फोन तक सीमित रहते हैं। इसलिए कंपनी की आधिकारिक फीचर सूची जरूर पढ़ें।

एआई तकनीक से जुड़ी ये जानकारियां भी पढ़ें

NPU को समझने के बाद एआई से जुड़ी ये गाइड भी आपके काम आएंगी: बिना इंटरनेट चलने वाले छोटे एआई मॉडल यानी एसएलएम तकनीक, एआई लैपटॉप सामान्य लैपटॉप से कैसे अलग है और फोन में पासकी से सुरक्षित लॉगिन कैसे होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या बिना NPU वाले फोन में एआई फीचर्स नहीं चलते?

चलते हैं, लेकिन वे क्लाउड या सीपीयू पर निर्भर रहते हैं, जिससे रफ्तार कम और बैटरी खर्च ज्यादा हो सकता है।

2. क्या ज्यादा टॉप्स वाला NPU हमेशा बेहतर होता है?

आमतौर पर हां, लेकिन असली अनुभव सॉफ्टवेयर, रैम और कंपनी के एआई फीचर्स पर भी निर्भर करता है।

3. क्या NPU से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है?

नहीं, उल्टा यह एआई के कामों को कम बिजली में पूरा करके बैटरी बचाने में मदद करता है।

4. NPU के बारे में तकनीकी जानकारी कहां मिलेगी?

चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में इसके काम करने का तरीका विस्तार से समझाया है।

आगे और समाचार पढ़े:

NPU टेक्नोलॉजी से जुड़ी जानकारी के अलावा, ये अन्य बड़ी खबरें भी पढ़ें:

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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