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हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, पांचवें वीकेंड में ‘धुरंधर’ का रिकॉर्ड तोड़ा

भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों एक ऐसी फिल्म ने सबका ध्यान खींचा है, जिसकी शुरुआत बेहद मामूली रही थी, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि इसने बड़े बजट की फिल्मों के रिकॉर्ड को चुनौती दे दी। ‘हनुमान अंश’ ने अपने प्रदर्शन के पांचवें सप्ताह में शानदार कारोबार करते हुए पांचवें वीकेंड की कमाई का नया रिकॉर्ड बना दिया है। नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित इस फिल्म ने अब ‘धुरंधर’ जैसी चर्चित फिल्म को भी पीछे छोड़ दिया है।

फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत सीमित बजट में बनाया गया था और शुरुआत में इसे लेकर बॉक्स ऑफिस पर किसी बड़े चमत्कार की उम्मीद नहीं थी। लेकिन दर्शकों की प्रतिक्रिया, सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ और आध्यात्मिक विषय से जुड़ाव ने फिल्म की कमाई को लगातार बढ़ाया। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने 31वें दिन तक भारत में करीब ₹122.13 करोड़ का कारोबार कर लिया था।

“हनुमान अंश “ने पांचवें वीकेंड में तोड़ा ‘धुरंधर’ का रिकॉर्डहनुमान

‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका पांचवें सप्ताह का प्रदर्शन है। आम तौर पर किसी फिल्म की कमाई रिलीज के शुरुआती सप्ताहों के बाद तेजी से गिरने लगती है। लेकिन इस फिल्म ने इसके उलट पांचवें सप्ताह में भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना जारी रखा।

बॉक्स ऑफिस रिपोर्टों के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने पांचवें वीकेंड में ‘धुरंधर’ के पांचवें वीकेंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। यही वजह है कि इसे भारतीय सिनेमा की सबसे असाधारण बॉक्स ऑफिस कहानियों में गिना जा रहा है। Box Office India ने भी फिल्म की पांचवें सप्ताह की रिकॉर्डतोड़ कमाई को प्रमुखता से रिपोर्ट किया है।

इस उपलब्धि ने फिल्म को केवल एक सफल धार्मिक या आध्यात्मिक फिल्म तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे बॉक्स ऑफिस पर एक महत्वपूर्ण केस स्टडी बना दिया है।

शुरुआत बेहद धीमी, फिर बढ़ती गई कमाई

हनुमान अंश’ की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इसकी शुरुआत बिल्कुल साधारण रही। फिल्म के शुरुआती दिनों में बॉक्स ऑफिस कलेक्शन काफी कम था। India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने शुरुआती दौर में बेहद मामूली कमाई से शुरुआत की थी और बाद में धीरे-धीरे इसकी कमाई बढ़ती गई।

ऐसी फिल्मों के लिए आमतौर पर शुरुआती सप्ताह सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि पहले तीन-चार दिनों में दर्शकों की संख्या नहीं बढ़ती, तो फिल्म के स्क्रीन और शो कम हो जाते हैं। लेकिन ‘हनुमान अंश’ के मामले में कहानी उलट गई। दर्शकों की प्रतिक्रिया बढ़ने के साथ फिल्म को अधिक स्क्रीन और शो मिलने लगे और इसके कारोबार में लगातार इजाफा हुआ।यही कारण है कि फिल्म ने पहले सप्ताह के मुकाबले बाद के सप्ताहों में बेहतर प्रदर्शन किया।

नीम करोली बाबा की कहानी ने जोड़ा दर्शकों को

‘हनुमान अंश’ का आधार आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके अनुयायी महाराज जी के नाम से भी जानते हैं, का जीवन और उनकी आध्यात्मिक विरासत है। फिल्म की कहानी धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक खोज और व्यक्तिगत परिवर्तन के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म में शोभिनव सतैया और चंदन आनंद प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है।

फिल्म की सफलता से यह संकेत भी मिलता है कि दर्शकों का एक वर्ग ऐसी कहानियों को देखने के लिए सिनेमाघरों तक आने को तैयार है, जिनमें मनोरंजन के साथ आध्यात्मिक और भावनात्मक तत्व भी मौजूद हों।

सीमित बजट, बड़ा मुनाफा

‘हनुमान अंश’ की सफलता का सबसे उल्लेखनीय पहलू इसका बजट और कमाई का अंतर है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार फिल्म का बजट करीब ₹2 करोड़ के आसपास बताया गया है। इसके मुकाबले फिल्म ने कुछ ही हफ्तों में कई दर्जन करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया। Economic Times ने इसे 2026 की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली बॉलीवुड फिल्मों में से एक बताया है।

इसका अर्थ है कि फिल्म की निवेश पर वापसी असाधारण रही है। बड़ी स्टारकास्ट और सैकड़ों करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्मों के बीच एक कम बजट वाली आध्यात्मिक फिल्म का इस तरह टिके रहना फिल्म उद्योग के लिए खास संकेत माना जा रहा है।

धुरंधर’, ‘पुष्पा’ और ‘छावा’ जैसे नामों के बीच चर्चा

‘हनुमान अंश’ की रिकॉर्डतोड़ पांचवें वीकेंड की कमाई की तुलना अब उन फिल्मों से की जा रही है, जिन्होंने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी। इनमें ‘धुरंधर’ के अलावा ‘पुष्पा’ और ‘छावा’ जैसी सफल फिल्मों के नाम भी चर्चा में आए हैं।

हालांकि अलग-अलग फिल्मों की रिलीज अवधि, स्क्रीन संख्या, टिकट कीमत और बाजार परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए सीधे आंकड़ों की तुलना करते समय इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

फिर भी, पांचवें सप्ताह में रिकॉर्ड बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। खासकर तब, जब फिल्म की शुरुआत बहुत सीमित स्तर पर हुई हो।

वर्ड ऑफ माउथ बना सबसे बड़ा हथियार

फिल्म की सफलता में वर्ड ऑफ माउथ की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सोशल मीडिया और दर्शकों की व्यक्तिगत प्रतिक्रियाओं के जरिए फिल्म के बारे में चर्चा बढ़ती गई। जिन्होंने फिल्म देखी, उन्होंने इसे अन्य दर्शकों तक पहुंचाया और इसका असर टिकट बिक्री पर दिखाई दिया।

बॉक्स ऑफिस पर कई बार ऐसा देखा गया है कि किसी फिल्म को शुरुआती प्रचार से बड़ा फायदा मिलता है, लेकिन लंबे समय तक दर्शकों को बनाए रखने के लिए कंटेंट की जरूरत होती है। ‘हनुमान अंश’ ने इसी दूसरे मॉडल पर सफलता हासिल की।

निर्माताओं ने घोषित किया सीक्वल

फिल्म की सफलता का असर इसके भविष्य पर भी दिखाई दे रहा है। फिल्म के ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बाद निर्माता अनुप्रिया नागर ने सीक्वल की पुष्टि की है। उन्होंने फिल्म की सफलता को आध्यात्मिक आस्था और दर्शकों के समर्थन से जोड़ा।

सीक्वल की घोषणा यह संकेत देती है कि निर्माताओं को लगता है कि फिल्म से जुड़ा दर्शक आधार अभी भी मजबूत है और इसकी कहानी को आगे बढ़ाया जा सकता है।

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फिल्म उद्योग के लिए बड़ा संदेश

‘हनुमान अंश’ की सफलता केवल एक फिल्म की कमाई की कहानी नहीं है। यह बदलते दर्शक व्यवहार की ओर भी संकेत करती है। बड़े बजट, स्टार पावर और विशाल प्रचार अभियान के बावजूद हर फिल्म सफल नहीं होती। वहीं, सीमित संसाधनों से बनी कोई फिल्म मजबूत कहानी और दर्शकों के भावनात्मक जुड़ाव के कारण अप्रत्याशित सफलता हासिल कर सकती है।

फिल्मकार अनुभव सिन्हा ने भी ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सफलता को महज संयोग या ‘फ्रीक हिट’ मानने से इनकार करते हुए कहा कि बॉक्स ऑफिस दर्शकों की पसंद में हो रहे बदलाव की कहानी बता रहा है।

निष्कर्ष

‘हनुमान अंश’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर एक ऐसी सफलता की कहानी लिखी है, जिसकी शुरुआत की शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। बेहद कम बजट से शुरू हुई यह फिल्म पांचवें सप्ताह में भी मजबूत बनी हुई है और पांचवें वीकेंड की सबसे बड़ी कमाई का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है।

31वें दिन तक करीब ₹122.13 करोड़ के कारोबार के साथ फिल्म ने ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।

फिल्म की सफलता यह भी बताती है कि भारतीय दर्शकों की पसंद केवल बड़े सितारों और बड़े बजट तक सीमित नहीं है। यदि कहानी दर्शकों के दिल से जुड़ जाए और सकारात्मक चर्चा पैदा हो, तो सीमित संसाधनों वाली फिल्म भी लंबे समय तक सिनेमाघरों में अपनी जगह बना सकती है। ‘हनुमान अंश’ फिलहाल इसी बदलते बॉक्स ऑफिस समीकरण की सबसे चर्चित मिसाल बन गई है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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