Foreign Trade Policy India भारत सरकार की वह नीति है जो देश के निर्यात और आयात को नियंत्रित और प्रोत्साहित करती है। अगर आप एक निर्यातक, आयातक या व्यापारी हैं और यह जानना चाहते हैं कि ये आपके बिजनेस को कैसे फायदा पहुंचा सकती है, तो यह गाइड आपके लिए बेहद जरूरी है।
Foreign Trade Policy क्या है?
Foreign Trade Policy India यानी विदेश व्यापार नीति एक ऐसा दस्तावेज है जो भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है। इसमें निर्यात बढ़ाने, आयात को नियंत्रित करने और व्यापार को सरल बनाने के लिए नियम, योजनाएं और प्रोत्साहन दिए जाते हैं। वर्तमान Policy 2023 से 2028 तक के लिए लागू है। इसका मुख्य लक्ष्य भारत के निर्यात को 2030 तक 2000 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
मुख्य उद्देश्य
Foreign Trade Policy India के कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- निर्यात को बढ़ावा देना और नए बाजार खोजना
- निर्यातकों को वित्तीय और प्रशासनिक सहायता देना
- व्यापार प्रक्रियाओं को सरल और डिजिटल बनाना
- छोटे और मझोले उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ना
- जिला स्तर पर निर्यात को प्रोत्साहित करना
प्रमुख योजनाएं
1. RoDTEP योजना
Remission of Duties and Taxes on Exported Products यानी RoDTEP Foreign Trade Policy India की सबसे महत्वपूर्ण योजना है। इसमें निर्यातकों को उत्पाद बनाने में लगे करों और शुल्कों की वापसी की जाती है ताकि वे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
2. EPCG योजना
Export Promotion Capital Goods यानी EPCG योजना के तहत निर्यातक शून्य या कम सीमा शुल्क पर मशीनरी और उपकरण आयात कर सकते हैं। यह Foreign Trade Policy India का एक अहम हिस्सा है जो उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
3. Advance Authorization योजना
इस योजना के तहत निर्यातक बिना शुल्क चुकाए कच्चा माल आयात कर सकते हैं, बशर्ते वे उससे बने उत्पाद निर्यात करें। Foreign Trade Policy India में यह योजना उत्पादन लागत कम करने में बड़ी भूमिका निभाती है।
4. Towns of Export Excellence
Foreign Trade Policy India के अंतर्गत कुछ शहरों और कस्बों को निर्यात उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में मान्यता दी जाती है। इन्हें विशेष सहायता और प्रोत्साहन मिलता है।]

5. Merchant Exporter योजना
इस योजना के तहत वे व्यापारी जो खुद उत्पाद नहीं बनाते लेकिन दूसरों से खरीदकर निर्यात करते हैं, उन्हें भी Foreign Trade Policy India के तहत विशेष सुविधाएं मिलती हैं।
DGFT की भूमिका
Directorate General of Foreign Trade यानी DGFT वह सरकारी संस्था है जो Foreign Trade Policy India को लागू करती है। DGFT निर्यातकों और आयातकों को IEC यानी Import Export Code जारी करता है जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अनिवार्य है। DGFT की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप Foreign Trade Policy India से जुड़ी सभी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Foreign Trade Policy India में नए बदलाव
2026 में Foreign Trade Policy India के तहत कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। छोटे निर्यातकों के लिए प्रक्रियाएं और सरल की गई हैं। जिला निर्यात केंद्रों को और मजबूत किया गया है।
फायदा कैसे उठाएं?
सबसे पहले DGFT की वेबसाइट पर जाकर IEC कोड बनवाएं। इसके बाद अपने उत्पाद या सेवा के अनुसार सही योजना चुनें। Foreign Trade Policy India के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन और छूट के लिए समय पर आवेदन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. Foreign Trade Policy India कब से लागू है?
वर्तमान नीति 1 अप्रैल 2023 से लागू है और 2028 तक चलेगी। अधिक जानकारी के लिए DGFT की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
प्रश्न 2. IEC कोड क्या होता है और यह कैसे बनता है?
IEC यानी Import Export Code एक 10 अंकों का कोड होता है जो DGFT जारी करता है। यह कोड किसी भी आयात या निर्यात के लिए अनिवार्य है और ऑनलाइन आवेदन से बनवाया जा सकता है।
प्रश्न 3. क्या छोटे व्यापारी भी Foreign Trade Policy India का फायदा उठा सकते हैं?
हां, Foreign Trade Policy India में छोटे और मझोले उद्यमों के लिए विशेष प्रावधान हैं। Merchant Exporter योजना खासतौर पर छोटे व्यापारियों के लिए बनाई गई है।
प्रश्न 4. RoDTEP और EPCG में क्या अंतर है?
RoDTEP में निर्यात के बाद कर वापसी होती है जबकि EPCG में निर्यात की शर्त पर मशीनरी आयात पर शुल्क छूट मिलती है।
प्रश्न 5. Foreign Trade Policy India के तहत आवेदन कहां करें?
DGFT की आधिकारिक वेबसाइट dgft.gov.in पर जाकर सभी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

