बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के पास डूबे पनामा-फ्लैग वाले मालवाहक जहाज MV Ocean Winner के 22 लापता क्रू सदस्यों की तलाश तीसरे दिन भी जारी है। भारतीय तटरक्षक बल (Coast Guard) और नौसेना ने खोज अभियान का दायरा बढ़ा दिया है, लेकिन अब तक लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। खराब समुद्री परिस्थितियां, ऊंची लहरें और दुर्घटनास्थल की अत्यधिक गहराई राहत एवं बचाव अभियान को लगातार चुनौती दे रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह अब समय के खिलाफ एक दौड़ बन चुकी है।
जहाज में कुल 24 क्रू सदस्य सवार थे। दुर्घटना के बाद दो चीनी नागरिकों को शनिवार को ही सुरक्षित बचा लिया गया था। बाकी 22 सदस्य अब भी लापता हैं। भारतीय एजेंसियां उन्हें खोजने के लिए समुद्र में व्यापक स्तर पर अभियान चला रही हैं।
72 हजार टन से ज्यादा लौह अयस्क लेकर जा रहा था जहाज
MV Ocean Winner ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से चीन की ओर रवाना हुआ था। जहाज पर 72,000 टन से अधिक लौह अयस्क लदा हुआ था। इसकी यात्रा चीन तक की थी और रास्ते में सिंगापुर में भी ठहराव निर्धारित था। जहाज शुक्रवार सुबह पारादीप बंदरगाह से निकला था और शनिवार देर रात बंगाल की खाड़ी में दुर्घटना का शिकार हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, जहाज ओडिशा तट से लगभग 230 नॉटिकल मील यानी करीब 425 किलोमीटर दूर डूबा। यह स्थान समुद्र के मध्य में है और यहां समुद्र की गहराई काफी अधिक बताई जा रही है। इसी वजह से डूबे जहाज तक पहुंचने या उसके आसपास तलाशी अभियान चलाने में अतिरिक्त कठिनाइयां आ रही हैं।
150 से ज्यादा जवान समुद्र में उतरे
लापता क्रू सदस्यों की तलाश के लिए भारतीय तटरक्षक बल ने तीन जहाजों को अभियान में लगाया है। इनमें करीब 150 कर्मी शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय नौसेना के ईस्टर्न नेवल कमांड ने एक P-8I समुद्री निगरानी विमान को खोज अभियान में लगाया है। कम से कम दो अन्य व्यापारिक जहाज भी तलाशी अभियान में मदद कर रहे हैं।
तटरक्षक बल के अधिकारियों के अनुसार, पिछले क्षेत्र में मिली जानकारी और परिस्थितियों का आकलन करने के बाद खोज का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। समुद्र में किसी लापता व्यक्ति या जीवनरक्षक उपकरण के संभावित स्थान को ध्यान में रखते हुए नए इलाकों की निगरानी की जा रही है।हालांकि, तीसरे दिन तक भी कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
बंगाल की खाड़ी के बीच समुद्र की स्थिति इस समय बचाव दल के लिए बड़ी बाधा बनी हुई है। तेज हवाओं, ऊंची लहरों और हाई टाइड के कारण समुद्र में दृश्यता प्रभावित हो रही है। ऐसे हालात में बचाव जहाजों के लिए लंबे समय तक एक निश्चित क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाना मुश्किल हो जाता है।
अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटनास्थल समुद्र के बेहद गहरे हिस्से में है। ऐसे में यदि लापता क्रू सदस्य पानी में गिरने के बाद किसी जीवनरक्षक उपकरण या तैरने वाली वस्तु के सहारे हैं, तो समुद्री धाराएं उन्हें दुर्घटनास्थल से काफी दूर ले जा सकती हैं।
24 में से 20 चीनी नागरिक
जहाज पर सवार 24 सदस्यों में से 20 चीनी नागरिक, तीन म्यांमार के नागरिक और एक बांग्लादेशी नागरिक था। हादसे के बाद बचाए गए दोनों सदस्य चीनी नागरिक हैं। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें संभवतः एक-दो दिनों के भीतर पारादीप बंदरगाह लाया जा सकता है। इसके बाद उनकी आगे की व्यवस्था संबंधित अधिकारियों के परामर्श से तय होगी।
इस बीच, नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास भी भारतीय अधिकारियों के संपर्क में है और घटनाक्रम की जानकारी ले रहा है। लापता लोगों के परिवारों के लिए यह इंतजार बेहद कठिन होता जा रहा है।
हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं
MV Ocean Winner के डूबने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने दुर्घटना के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। यह स्पष्ट करने के लिए जहाज की स्थिति, मौसम, समुद्री परिस्थितियों, माल के वजन और यात्रा के दौरान सामने आई संभावित तकनीकी समस्याओं की जांच जरूरी होगी।
फिलहाल प्राथमिकता जहाज के लापता क्रू सदस्यों को तलाशना है। दुर्घटना की विस्तृत जांच बाद में की जाएगी।
समुद्र की गहराई से बढ़ी मुश्किल
इस बचाव अभियान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक दुर्घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति है। जहाज जमीन से सैकड़ों किलोमीटर दूर समुद्र के भीतर डूबा है। यहां समुद्र की गहराई अधिक होने के कारण सामान्य खोज अभियान की सीमाएं भी बढ़ जाती हैं।
समुद्र में किसी व्यक्ति की तलाश जमीन पर लापता व्यक्ति को खोजने से बिल्कुल अलग होती है। धाराएं, हवा, ज्वार और लहरें लगातार संभावित स्थान को बदलते रहते हैं। निगरानी विमान व्यापक क्षेत्र पर नजर रख सकता है, लेकिन समुद्र की सतह पर छोटे जीवनरक्षक उपकरण या व्यक्ति को पहचानना कठिन हो सकता है।
यही कारण है कि बचाव दल को उपलब्ध सभी संसाधनों—जहाजों, विमानों और अन्य व्यापारिक जहाजों—का समन्वित इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
सरकार ने सभी एजेंसियों को समन्वय के निर्देश दिए
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने रविवार को कहा था कि सभी संबंधित एजेंसियां आपस में करीबी समन्वय के साथ खोज और बचाव अभियान में सक्रिय हैं। सरकार की ओर से अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है।
तटरक्षक बल भी नियमित रूप से समुद्री परिस्थितियों और तलाशी क्षेत्र का आकलन कर रहा है। यदि मौसम की स्थिति में सुधार होता है तो खोज अभियान को और तेज किया जा सकता है।
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हर घंटे कीमती, परिवारों की बढ़ती चिंता
जहाज डूबने के बाद तीन दिन बीत चुके हैं और 22 लोगों का अब तक पता नहीं चला है। ऐसे में बचाव अभियान में हर गुजरता घंटा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समुद्र में लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है—व्यक्ति के पास जीवनरक्षक उपकरण है या नहीं, समुद्र की स्थिति कैसी है और वह किसी तैरती वस्तु तक पहुंच पाया है या नहीं।
लापता क्रू सदस्यों के परिवार भारतीय अधिकारियों और चीनी दूतावास से लगातार जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनके लिए राहत अभियान की हर खबर उम्मीद और चिंता दोनों लेकर आ रही है।
निष्कर्ष
ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी में MV Ocean Winner के डूबने की घटना तीसरे दिन भी रहस्य और चिंता से घिरी हुई है। 24 सदस्यीय क्रू में से दो लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन 22 सदस्य अब भी लापता हैं। भारतीय तटरक्षक बल के करीब 150 कर्मी, तीन जहाज, नौसेना का P-8I विमान और अन्य व्यापारिक जहाज खोज अभियान में जुटे हैं।
खराब समुद्र, ऊंची लहरें, सीमित दृश्यता और दुर्घटनास्थल की गहराई ने अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। तटरक्षक बल ने खोज का क्षेत्र बढ़ाया है और हर संभावित संकेत की जांच की जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि समुद्र में कहीं जीवनरक्षक उपकरण या किसी अन्य संकेत का पता चले और लापता 22 लोगों तक बचाव दल पहुंच सके। इस पूरे अभियान में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक है और भारतीय एजेंसियां उपलब्ध हर संसाधन के जरिए इस दौड़ को जीतने की कोशिश कर रही हैं।

