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उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से हालात अस्त-व्यस्त, भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और मैदानी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए इन पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू है।

मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान उत्तराखंड में लैंडस्लाइड, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने से कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और भारी बारिश की घटनाएं लगातार हो रही

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड के अलावा इस मानसून सीजन में भारी बारिश की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। 10 और 11 अगस्त को चमोली जिले के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाला में अचानक जलप्रवाह बढ़ने से सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा बनाया गया बेली ब्रिज बह गया था, जिससे नीति घाटी के 17 सीमांत गांवों का मुख्य धारा से संपर्क कट गया था। इस घटना में BRO का एक कर्मचारी लापता हो गया था, जिसकी तलाश जारी रही।

इसके कुछ दिन बाद, 14 अगस्त को चमोली जिले के पिपलकोटी स्थित एक जल विद्युत परियोजना स्थल पर निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस आया था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन के जोशी के अनुसार, घटना के समय सुरंग में 22 लोग मौजूद थे, जिनमें से 19 को रातभर चले अभियान में सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 9 लोगों की मौत हो गई।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड की अब तक की स्थिति और ताजा अपडेट

18 अगस्त की सुबह सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग बगड़ीहाट के पास बंद हो गया, जिसमें एक एंबुलेंस समेत कई वाहन फंस गए। जिले में कुल 25 मोटर मार्ग बंद बताए गए हैं और धारचूला, बंगापानी तथा डीडीहाट के कई हिस्सों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

मुनस्यारी में पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है। बागेश्वर जिले में बारिश के कारण 21 सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। सरयू और गोमती नदियों में भारी मात्रा में गाद आने से पानी की गुणवत्ता खराब हो गई है, जिससे कई इलाकों में नलों से गंदा पानी पहुंच रहा है। नैनीताल जिले में भी एक दर्जन से ज्यादा सड़कें बंद हैं और नैनी झील का जलस्तर 87 फीट के ऊपर पहुंच गया है।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड

ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कौड़ियाला और व्यासी के बीच पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण मार्ग बंद हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग भी मलबे और पत्थरों के कारण प्रभावित हुआ है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल यातायात के लिए खुले हैं, लेकिन दस ग्रामीण मोटर मार्ग मलबे और बोल्डर के कारण बंद हैं।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से चारधाम यात्रा से जुड़ा तेखला-मनेरा-बड़ेथी बाइपास लगातार दूसरे दिन नहीं खुल सका। देहरादून जिले के विकासनगर में सोमवार दोपहर से हुई मूसलाधार बारिश के कारण 28 फीता रोड, कॉलेज रोड, ओल्ड एक्सचेंज रोड, सैयद रोड, पंजाबी कॉलोनी और चर्च रोड समेत कई वार्डों में जलभराव हो गया, जिससे दुकानों के भीतर तक पानी घुस गया।

ऋषिकेश में चंद्रभागा और खारा स्रोत नदियां उफान पर आ गईं, जिसके बाद राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें दोनों स्थानों पर तैनात की गईं। नदी के पानी में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के निर्देश इस मानसून सीजन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बार-बार राज्य आपदा परिचालन केंद्र से स्थिति की समीक्षा करते रहे हैं।

आगे की स्थिति

भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी राज्य पूर्वानुमान के अनुसार, 18 से 20 अगस्त के बीच उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तीव्र वर्षा जारी रहने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को उत्तराखंड में लैंडस्लाइड देखते हुए नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन न रोकने और आपात स्थिति में 112 या जिला आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी है।

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उत्तराखंड में लैंडस्लाइड की यह रिपोर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), जिला प्रशासन के आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए ताजा आधिकारिक अपडेट के लिए स्थानीय प्रशासन या IMD की वेबसाइट देखें।

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