UTTARAKHAND KARGIL WAR HEROES: कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित गांधी पार्क पहुंचकर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया और कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के कालेश्वर में ईसीएचएस एवं सैनिक विश्राम गृह और नैनीताल में सैनिक विश्राम गृह बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों को विदेशों में रोजगार दिया जाएगा, जिसमें 50 प्रतिशत सिविल नागरिक भी शामिल होंगे।

UTTARAKHAND KARGIL WAR HEROES: कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवान शहीद हुए थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों की शहादत को देश कभी नहीं भूल सकता। कारगिल की घाटियों में हुआ संघर्ष आज भी वीरता का प्रतीक है। इस युद्ध में भारत के जवानों ने दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवान शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेना को आधुनिक तकनीकों और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने केवल चार दिनों में पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और उसे घुटनों पर ला खड़ा किया।

सैनिकों के कल्याण के लिए की कई घोषणाएं
सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘वन रैंक-वन पेंशन’, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि और सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे कई फैसले लिए गए हैं। राज्य सरकार ने भी शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। साथ ही परमवीर चक्र से लेकर अन्य सभी वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त व वार्षिक धनराशि में भी वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर अब 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है।

शहीद परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा रहा है और आवेदन की अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके अलावा, सेवारत व पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।

इस मौके पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और अधिक सशक्त हुई है। कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवान शहीद हुए थे, जिनमें से 31 देहरादून क्षेत्र के थे। अब तक उत्तराखंड के 1,831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 1,528 को वीरता पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य के वीर जवानों को 344 विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुके हैं। राज्य सरकार ने शहीद परिवारों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी है, जिससे अब तक 37 लोगों को रोजगार मिला है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी विनोद उनियाल, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल (से.नि), एमडी उपनल ब्रिगेडियर जे.एस. बिष्ट (से.नि), ब्रिगेडियर के.जी. बहल (से.नि), जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित कई सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और शहीदों के परिजन मौजूद रहे।

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