/ Mar 05, 2026
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UTTARAKHAND ECONOMIC SURVEY: उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर नियोजन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण जारी कर दिया है।सर्वेक्षण के लिए पहली बार राज्य सरकार ने इसे तैयार करने के लिए भारत सरकार की प्रमुख आर्थिक शोध संस्था नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) का सहयोग लिया है। प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान पिछले चार वर्षों के तुलनात्मक आंकड़े साझा किए।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2022 की तुलना में राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में डेढ़ गुना की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2022 में राज्य की जीएसडीपी का आकार 2.54 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसी तरह, आम जनमानस की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत देते हुए प्रति व्यक्ति आय में भी बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 में जो प्रति व्यक्ति आय 1.94 लाख रुपये थी, वह अब बढ़कर 2.73 लाख रुपये पहुँच गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य में आर्थिक संसाधनों का विस्तार तेजी से हो रहा है।

राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों का असर गरीबी सूचकांक पर भी सकारात्मक रूप से पड़ा है। गरीबी इंडेक्स जो 2022 में 9.7% पर था, वह गिरकर अब 6.92% रह गया है। औद्योगिक क्षेत्र की बात करें तो एमएसएमई (MSME) सेक्टर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 2022 में राज्य में करीब 59 हजार उद्योग थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 79 हजार से अधिक हो गई है। इन उद्योगों के माध्यम से वर्तमान में राज्य के लगभग साढ़े चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा, बड़े उद्योगों की संख्या भी 107 से बढ़कर 128 हो गई है।
राज्य में स्टार्टअप संस्कृति का तेजी से विकास हुआ है। प्रमुख सचिव ने बताया कि साल 2017 में राज्य में एक भी स्टार्टअप नहीं था, जो 2022 में 702 हुए और अब इनकी संख्या बढ़कर 1750 तक पहुँच गई है। ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से सोलर पावर प्लांट से बिजली उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। 2022 में जहाँ सौर ऊर्जा से 439 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी, वह अब बढ़कर 1027 मेगावाट हो गई है। बुनियादी ढांचे के विकास के तहत पिछले चार वर्षों में राज्य में 885 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण भी किया गया है।

UTTARAKHAND ECONOMIC SURVEY के निष्कर्ष बताते हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक योगदान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (26.02%) का है। इसके साथ ही चावल, दूध और मछली उत्पादन में भी निरंतर ग्रोथ दर्ज की गई है। डॉ. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि NCAER के पेशेवर दृष्टिकोण से तैयार यह दस्तावेज वित्त विभाग के लिए आगामी बजट निर्माण में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक (Manual) के रूप में कार्य करेगा। विभागीय स्तर के बजाय पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा तैयार यह सर्वेक्षण राज्य की आर्थिक प्रगति का अधिक सटीक और वैज्ञानिक आकलन प्रस्तुत करता है।
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