UTTARAKHAND DIGITAL CONNECTIVITY को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई 7वीं स्टेट ब्रॉडबैंड कमेटी की बैठक में नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 (एनबीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2025 से की जाएगी, जिसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में तेज और सुलभ इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना है।

UTTARAKHAND DIGITAL CONNECTIVITY: सीएस राधा रतूड़ी ने दिए ये निर्देश
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ग्रामीण इलाकों में व्यापक और समान ब्रॉडबैंड सेवा सुनिश्चित करने के लिए सैटेलाइट ब्रॉडबैंड को बढ़ावा दिया जाए। इसके साथ ही, पिटकुल और यूपीसीएल की मदद से ऑप्टिकल ग्राउंड वायर के उपयोग को भी प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। बैठक में बीएसएनएल को 4जी सेचुरेशन स्कीम का काम तय समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रदेश में डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो सके। मुख्य सचिव ने आईटी विभाग, यूपीसीएल, शहरी विकास विभाग और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को निर्देश दिया कि बिजली के खंभों पर एरियल केबल्स के नियमितीकरण के लिए जल्द से जल्द पॉलिसी लागू की जाए।

राज्य में भारतनेट स्कीम के तहत अब तक 1,819 ग्राम पंचायतों में 14,516 एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शन दिए जा चुके हैं। बैठक में बीएसएनएल को शेष 19 ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल्स (ONTs) को जल्द से जल्द बिजली कनेक्शन देने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं और डिजिटल सेवाओं के संचालन के लिए किया जाएगा। इस बैठक में अपर सचिव निकिता खंडेलवाल, एडीजी टेलीकॉम राकेश कुमार, बीएसएनएल, यूपीसीएल, पिटकुल और आईटी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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