/ Jan 29, 2026
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UTTARAKHAND CONGRESS NEWS: वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड कांग्रेस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। दिल्ली में पार्टी हाईकमान के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है। बीते दिनों दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में प्रदेश नेतृत्व को कई कड़े निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद देहरादून लौटते ही पार्टी ने मैराथन बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।

गुरुवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक अहम बैठक और प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी ने आगामी तीन महीनों के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने जानकारी दी कि पार्टी 16 फरवरी को देहरादून में राजभवन (राज्यपाल आवास) का घेराव करेगी। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाना है। विशेष रूप से अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।

16 फरवरी को होने वाले इस कार्यक्रम के संयोजक की जिम्मेदारी विधायक प्रीतम सिंह को सौंपी गई है। कांग्रेस ने केवल एक दिन के प्रदर्शन की योजना नहीं बनाई है, बल्कि अगले तीन महीनों यानी 90 दिनों का पूरा एक्शन प्लान तैयार किया है। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने बताया कि पार्टी ने जन-जागरण अभियान, जनसभाओं और धरना-प्रदर्शनों की श्रृंखला चलाने का फैसला किया है। अगले तीन महीनों तक प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इनमें राज्य स्तरीय मुद्दों के साथ-साथ संबंधित विधानसभा के स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आने वाले महीनों की रणनीति तय कर ली गई है। उन्होंने बताया कि ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम के तहत चार प्रमुख मोर्चों पर विशेष फोकस रहेगा। ये चार मुद्दे भ्रष्टाचार, महंगाई, महिला अपराध और बेरोजगारी हैं। हरीश रावत ने राज्य की अस्मिता, असंतुलित विकास और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को राज्य के लिए बड़ा संकट बताया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों का गठजोड़ सक्रिय है, आपदा पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है और गरीबों के आशियाने उजड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार को केंद्र में रखकर आंदोलन को तेज किया जाएगा।

चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार गलत रास्ते पर हो, तो उसका घेराव करना विपक्ष का धर्म है। उन्होंने राज्य में अवैध खनन, चरमराती कानून-व्यवस्था, युवाओं की बदहाली और आबकारी नीति पर तीखा हमला बोला। इसके अलावा, उन्होंने भू-कानून में की गई छेड़छाड़ और हरिद्वार व उधमसिंहनगर में इसे लागू न किए जाने पर भी प्रश्न उठाए। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उधमसिंहनगर के एसएसपी को न हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता जाहिर की।(UTTARAKHAND CONGRESS NEWS)

जहां एक तरफ कांग्रेस 2027 के चुनाव और आंदोलनों की रूपरेखा तैयार कर रही है, वहीं संगठन के स्तर पर कुछ अंदरूनी पेंच भी फंसे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के पदभार संभालने के बाद से ही नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इसके अलावा, देहरादून नगर निगम में पिछले एक साल से कांग्रेस अपना नेता प्रतिपक्ष यानी विपक्ष का नेता नहीं चुन पाई है, जिस पर अभी भी मंथन का दौर जारी है। एक तरफ पार्टी सड़कों पर आंदोलन की बड़ी रणनीति बना रही है, तो दूसरी तरफ संगठनात्मक नियुक्तियों में हो रही देरी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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