UTTARAKHAND CONGRESS: उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर आज मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राजधानी देहरादून की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड से ‘लोक भवन’ (राजभवन) की ओर कूच किया। इस विशाल रैली के माध्यम से कांग्रेस ने राज्य की वर्तमान कानून व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।

परेड ग्राउंड में UTTARAKHAND CONGRESS नेताओं की हुंकार
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने हाथीबड़कला क्षेत्र में तीन लेयर की बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। कूच से पहले देहरादून के परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेता एक मंच पर नजर आए। नेताओं ने मंच से कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए राज्य सरकार पर जनादेश के अपमान का आरोप लगाया।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने संबोधन में कहा कि राज्य में प्रचंड बहुमत की सरकार होने के बावजूद कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है और चारों तरफ भय का वातावरण व्याप्त है। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों जैसे जोशीमठ, धारचूला और थराली के परिवारों को बुनियादी सुविधाएं न मिलने और धराली में शवों के अब तक दबे होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और हरक सिंह रावत ने देहरादून में 15 दिनों के भीतर हुई पांच हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी बेखौफ होकर दिनदहाड़े गोलियां चला रहे हैं, जिससे देवभूमि की शांति भंग हो रही है।

जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरा
कांग्रेस ने इस ‘हल्लाबोल’ प्रदर्शन के जरिए केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि महिला उत्पीड़न, बढ़ती महंगाई, भर्ती घोटाले और जंगली जानवरों के आतंक जैसे विभिन्न मुद्दों पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। करन माहरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भर्ती घोटालों से युवाओं में मायूसी है और किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हैं।

UTTARAKHAND CONGRESS नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का भी आरोप लगाया। पार्टी पदाधिकारियों का कहना था कि कूच के डर से प्रशासन ने रातभर में देहरादून की सड़कों पर लगे कांग्रेस के पोस्टर और बैनर हटवा दिए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे सरकार की घबराहट बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई है जो अब रुकने वाली नहीं है। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को सरकार के विरुद्ध अपने 90 दिनों के अभियान का पहला बड़ा पड़ाव करार दिया है।

पुलिस के साथ भिड़ंत और बड़े नेताओं की गिरफ्तारी
जब हजारों कार्यकर्ताओं का जत्था ढोल-दमाऊ की गूंज के साथ राजभवन की ओर बढ़ा, तो पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए थे। हाथीबड़कला के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहली बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और मुख्य बैरिकेडिंग तक जा पहुंचे। इस दौरान कई कार्यकर्ता और नेता बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए, जिससे पुलिस को बल प्रयोग की स्थिति का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रभारी कुमारी सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कई दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

इस बड़े प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। सुबह 11 बजे से ही पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया था। परेड ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग के लिए अलग-अलग स्थान निर्धारित किए गए थे। कांग्रेस का कहना है कि उनकी यह लड़ाई प्रदेश की बेटियों को सुरक्षित रखने, युवाओं को रोजगार दिलाने और शराब व भू-माफियाओं से मुक्ति दिलाने तक जारी रहेगी।

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