विवादों से घिरा रहा आरबीएस रावत का कार्यकाल, दागी कंपनी को दी थी आयोग में एंट्री

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आरबीएस रावत के कार्यकाल में रहे कई विवाद

uksssc paper leak: वीपीडीओ भर्ती गड़बड़ी में जेल जाने वाले पूर्व अध्यक्ष आरबीएस रावत के बतौर अध्यक्ष कार्यकाल में कई विवाद सामने आए वन विभाग के पूर्व मुखिया आरबीएस रावत का अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। आरबीएस रावत ने अपने कार्यकाल में पेपर लीक की दागी कंपनी को आयोग में आरएमएस की एंट्री अध्यक्ष रहते कराई थी। 2014 में जैसे ही आयोग की स्थापना हुई उसी के साथ ही आरबीएस रावत को अध्यक्ष बनाया गया। आयोग ने वर्ष 2016 में पहली बड़ी परीक्षा वीपीडीओ भर्ती की कराई थी, जिसमें गड़बड़ी सामने आई।

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uksssc paper leak:  विवाद बढ़ने पर दिया था इस्तीफा

भर्ती (uksssc paper leak) मामले में जब विवाद बढ़ा तो सरकार के दबाव में अध्यक्ष आरबीएस रावत ने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी राजधानी एक होटल में प्रेस वार्ता कर दी थी लेकिन बावजूद इसके आरबीएस रावत करीब सात महीने तक अध्यक्ष की कुर्सी पर वह जमे रहे। आरबीएस रावत के कार्यकाल में ही विभिन्न भर्तियों में पेपर लीक की दागी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन कंपनी को आयोग और उत्तराखंड में एंट्री दी गई थी। यह बात भी सामनें आई की इससे पहले कंपनी का क्या प्रोफाइल था, वह कितना काम कर चुकी थी या नहीं, इस पर ध्यान ही नहीं दिया गया। आयोग के सदस्यों के साथ ही विवाद के चलते भी वह चर्चाओं में रहे।

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संदेह में रही थी सचिव-परीक्षा नियंत्रक की भूमिका

यूकेएसएसएससी (uksssc paper leak) के परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र पोखरियाल और सचिव एमएस कन्याल की भूमिका शुरू से ही संदेह के घेरे में थी। जिस जगह पर ओएमआर शीट की स्कैनिंग की गई थी, वहां पर न तो कोई गोपनीयता थी और ना ही कोई कैमरा। जबकि स्कैनिंग की पूरी जानकारी सीसीटीवी में कैद होनी चाहिए थी। परीक्षा के आयोजन पर सचिव और परीक्षा नियंत्रक दोंनों सवालों के घेरे में आए थे। अधिकारी झोले में ओएमआर शीट लेकर घूमता था। यह चर्चा उस समय बहुत ही आम होती थी।

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