SELAQUI WORKERS PROTEST: देहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ी संख्या में फैक्ट्री कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद जाम खुलवाया। इस घटना के बाद प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में उद्योग प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
12 घंटे काम, PF-ESIC कटने के बाद 14 हजार वेतन का आरोप
SELAQUI WORKERS PROTEST के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे महीने के पूरे 30 दिन और रोजाना 12 घंटे तक काम लिया जाता है। इसके बावजूद PF और ESIC कटने के बाद उनके हाथ में केवल करीब 14 हजार रुपये ही आते हैं, जिससे महंगाई के इस दौर में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि जब भी उत्तराखंड में न्यूनतम वेतन बढ़ाया जाता है तो अन्य जिलों में पहले लाभ मिल जाता है जबकि सेलाकुई में एक महीने से ज्यादा की देरी होती है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

SELAQUI WORKERS PROTEST:श्रमिकों को सुविधाएं देने के निर्देश
SELAQUI WORKERS PROTEST की घटना के बाद प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त उद्योग, आयुक्त श्रम और सभी उद्योगों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि श्रमिकों को न्यूनतम वेतन सहित सभी वैधानिक सुविधाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से दी जाएं।
उन्होंने कहा कि सभी उद्योग संस्थान श्रम कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें और औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए श्रमिकों से नियमित संवाद करें। बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, आयुक्त उद्योग सौरव गहरवार और आयुक्त श्रम पीसी दुम्का उपस्थित रहे।
उत्तराखंड में जारी कीं नई न्यूनतम मजदूरी दरें
उत्तराखंड श्रम विभाग ने नई न्यूनतम मजदूरी दरें जारी की हैं। गैर-इंजीनियरिंग औद्योगिक क्षेत्र में अकुशल श्रमिकों के लिए 13,018 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 13,451 रुपये, कुशल के लिए 13,883 रुपये और अति कुशल के लिए 14,611 रुपये मासिक मजदूरी तय की गई है।
इंजीनियरिंग उद्योगों के लिए पहली बार अलग से न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है जिसमें अकुशल के लिए 13,800 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 15,100 रुपये और कुशल के लिए 16,900 रुपये तय किए गए हैं।

READ MORE:
- DEHRADUN में NURSING CANDIDATES पानी की टंकी पर चढ़े, महिला कांग्रेस भी PROTEST में शामिल
- BJP MAHILA MORCHA PROTEST: देहरादून में महाआक्रोश अभियान हुआ शुरु, निकाली गई जन आक्रोश पदयात्रा
श्रम आयुक्त ने कहा: बाहरी तत्व भड़का रहे हैं
श्रम आयुक्त प्रकाश चंद दुमका ने कहा कि कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को गलत जानकारी देकर भ्रमित कर SELAQUI WORKERS PROTEST का प्रयास कर रहे हैं। यह दावा किया जा रहा है कि न्यूनतम मजदूरी 20 हजार रुपये होनी चाहिए थी, जबकि श्रम विभाग नियमों और प्रक्रियाओं के तहत नई दरें तय कर चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मजदूरी दरें हिमाचल प्रदेश और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर हैं। प्रमुख सचिव ने भी कहा कि यदि कोई बाहरी व्यक्ति भ्रम या दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास करे तो वैधानिक कार्रवाई की जाए।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई SELAQUI WORKERS PROTEST से संबंधित जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, गूगल सर्च, अलग-अलग वेबसाइट्स तथा मीडिया/न्यूज़ रिपोर्ट्स के आधार पर संकलित की गई है। जानकारी को अधिकतम सावधानी के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, हालांकि समय-समय पर आंकड़ों और रिपोर्ट्स में बदलाव संभव है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या निष्कर्ष के लिए संबंधित सरकारी संस्थानों और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

