HomeLatest Newsरिटायरमेंट के लिए कितना पैसा चाहिए? Retirement Corpus का आसान गणित समझें

रिटायरमेंट के लिए कितना पैसा चाहिए? Retirement Corpus का आसान गणित समझें

रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि आखिर कितना पैसा जमा करना काफी होगा। इसी जरूरी रकम को कहा जाता है Retirement Corpus। बहुत से लोग सिर्फ अंदाजे से एक आंकड़ा तय कर लेते हैं, जबकि असल में इसकी गणना का एक तरीका होता है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

Retirement Corpus क्या है?

Retirement Corpus वह कुल राशि है, जो किसी व्यक्ति को नौकरी छोड़ने के बाद अपने रोजमर्रा के खर्चे चलाने के लिए चाहिए होती है। इसमें रहने का खर्च, मेडिकल जरूरतें, यात्रा और अन्य निजी खर्चे शामिल होते हैं। यह राशि इतनी होनी चाहिए कि बिना किसी नियमित आय के भी व्यक्ति अपनी बची हुई जिंदगी आराम से गुजार सके।

Retirement Corpus की गणना कैसे होती है?

सबसे पहले मौजूदा मासिक खर्च का अंदाजा लगाया जाता है, फिर उसमें महंगाई दर जोड़कर भविष्य के खर्च का अनुमान निकाला जाता है। इसके बाद यह देखा जाता है कि रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति की उम्मीद कितने साल और जीने की है। एक सामान्य नियम के अनुसार, सालाना खर्च को 25 से 30 गुना करके एक अनुमानित Retirement Corpus तय किया जा सकता है, हालांकि यह हर व्यक्ति की जरूरत के हिसाब से अलग होता है।

Retirement Corpus को प्रभावित करने वाले कारक

महंगाई दर सबसे बड़ा कारक है, क्योंकि आज का हजार रुपया भविष्य में उतनी वैल्यू नहीं रखेगा। जीवन प्रत्याशा भी अहम भूमिका निभाती है, क्योंकि जितना लंबा रिटायरमेंट पीरियड होगा, उतनी बड़ी रकम की जरूरत पड़ेगी। मेडिकल खर्च उम्र बढ़ने के साथ बढ़ते हैं, इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल फंड को भी कॉर्पस में शामिल करना जरूरी है। इसके अलावा रिटायरमेंट के बाद की लाइफस्टाइल भी तय करती है कि कितनी बड़ी रकम चाहिए होगी।

Retirement Corpus कैसे बनाएं?

जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, कंपाउंडिंग का फायदा उतना ज्यादा मिलता है। इक्विटी म्यूचुअल फंड, NPS और PPF जैसे विकल्पों को मिलाकर एक संतुलित पोर्टफोलियो बनाना बेहतर रहता है, ताकि रिस्क और रिटर्न दोनों संतुलित रहें। रिटायरमेंट के करीब आते-आते धीरे-धीरे इक्विटी से डेट इंस्ट्रूमेंट्स की तरफ शिफ्ट होना समझदारी माना जाता है, ताकि बाजार की उथल-पुथल से बचा जा सके।

Retirement Corpus
Retirement Corpus

Retirement Corpus बनाते समय आम गलतियां

सबसे आम गलती यह है कि लोग महंगाई को नजरअंदाज कर देते हैं और आज के खर्च के हिसाब से ही कॉर्पस तय कर लेते हैं। मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग से बजट न रखना भी एक बड़ी चूक है। कई लोग रिटायरमेंट प्लानिंग को देर से शुरू करते हैं, जिससे उन्हें छोटी अवधि में बड़ी रकम जुटाने का दबाव झेलना पड़ता है। इसके अलावा सिर्फ एक ही निवेश विकल्प पर निर्भर रहना भी जोखिम भरा हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Retirement Corpus क्या है?
यह वह कुल राशि है, जो नौकरी छोड़ने के बाद रोजमर्रा के खर्चे बिना किसी नियमित आय के चलाने के लिए चाहिए होती है।

2. Retirement Corpus की गणना कैसे करें?
मौजूदा खर्च में महंगाई दर जोड़कर और जीवन प्रत्याशा को ध्यान में रखकर एक अनुमानित राशि तय की जाती है।

3. Retirement Corpus बनाने के लिए कब शुरुआत करनी चाहिए?
जितनी जल्दी शुरुआत की जाए उतना बेहतर है, क्योंकि इससे कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा मिलता है।

4. क्या मेडिकल खर्च को भी Retirement Corpus में शामिल करना चाहिए?
हां, उम्र बढ़ने के साथ मेडिकल खर्च बढ़ते हैं, इसलिए इसे कॉर्पस में जरूर शामिल करना चाहिए।

5. Retirement Corpus कम पड़ जाए तो क्या करें?
ऐसी स्थिति में खर्चों को समायोजित करना, आंशिक रूप से काम जारी रखना या निवेश की समीक्षा करना बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए PFRDA की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।

आगे और समाचार पढ़ें:

Retirement Corpus से जुड़ी जानकारी के अलावा, ये अन्य बड़ी खबरें भी पढ़ें:

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

WhatsApp Group
Join Now
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular