RCB VICTORY PARADE STAMPEDE: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ऐतिहासिक आईपीएल 2025 जीत का जश्न एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया जब 4 जून को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ के चलते मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 33 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना ने पूरे शहर और देश को सदमे में डाल दिया है। अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए 5 जून को दोपहर 2:30 बजे सुनवाई तय की है।

RCB VICTORY PARADE STAMPEDE
RCB ने 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। इसके बाद बेंगलुरु में 4 जून को एक विजय परेड और स्टेडियम समारोह की योजना बनाई गई थी। दोपहर 3:14 बजे RCB ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से घोषणा की कि शाम 5 बजे विजय परेड शुरू होगी और फिर चिन्नास्वामी स्टेडियम में उत्सव होगा। जबकि सुबह 11:56 बजे बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी थी कि सुरक्षा कारणों से ओपन बस परेड रद्द कर दी गई है और केवल स्टेडियम के भीतर समारोह होगा। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में प्रशंसक सड़कों पर जमा हो गए।

RCB की पोस्ट के बाद हजारों की भीड़ विधान सौधा और चिन्नास्वामी स्टेडियम की ओर बढ़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्टेडियम के बाहर करीब 3 लाख लोग एकत्र हो गए थे। इतनी भारी भीड़ के बीच गेट्स पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कई लोग दीवारों, पेड़ों पर चढ़ गए। इसी अफरातफरी में भगदड़ मच गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब हल्की बारिश शुरू हुई और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

कितने लोग घायल और मृत
इस भगदड़ में 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से दो की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। 33 से अधिक घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस हादसे को अप्रत्याशित बताया और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने का ऐलान किया। उन्होंने हादसे की जांच के लिए 15 दिनों में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे लेकिन भीड़ को संभालना असंभव हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों और घायलों की सटीक संख्या की पुष्टि अभी बाकी है।

आयोजकों पर उठे सवाल
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, आयोजन की योजना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर KSCA की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस हादसे से खुद को अलग कर लिया है और साफ किया है कि आयोजन RCB और KSCA का था, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है लेकिन अभी तक किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है।
मामले पर प्रतिक्रियाएं
RCB ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वे इस घटना से बेहद दुखी हैं और सभी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशंसकों की सुरक्षा और भलाई उनकी पहली प्राथमिकता है। विराट कोहली ने भी X पर दुख जताया और लिखा कि वे स्तब्ध हैं और उनके विचार उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस त्रासदी से प्रभावित हुए हैं। सोशल मीडिया पर बहुत से यूजर्स ने इस हादसे के लिए RCB की प्रबंधन टीम, सरकार और प्रशंसकों की जल्दबाज़ी को जिम्मेदार ठहराया है। कुछ ने क्रिकेट के नाम पर इस तरह की भीड़ और दीवानगी पर भी सवाल उठाए हैं।

RCB VICTORY PARADE STAMPEDE पर राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने सरकार पर बिना तैयारी के आयोजन करने का आरोप लगाया और न्यायिक जांच की मांग की। बीजेपी ने इसे राज्य प्रायोजित हत्या करार दिया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और उन्होंने महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में हुई भगदड़ का उदाहरण देते हुए संयम की अपील की।

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