/ Apr 02, 2025
All rights reserved with Masterstroke Media Private Limited.
RATAN TATA की वसीयत से उनकी उदारता का पता चलता है। उन्होंने अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा न केवल अपने परिवार और ट्रस्टों को दिया, बल्कि अपने कर्मचारियों और जरूरतमंदों के लिए भी करोड़ों रुपये दान किए हैं। उनकी संपत्ति का मूल्य लगभग 3,800 करोड़ रुपये आंका गया है, जिसमें से एक बड़ा भाग रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को दिया गया है। ये संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यों में योगदान देती हैं।
रतन टाटा ने अपने घरेलू कर्मचारियों और ऑफिस स्टाफ के लिए वसीयत में काफी कुछ छोड़ा है। उनके कुक राजन शॉ को 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई, जबकि बटलर सुब्बैया कोनार को 66 लाख रुपये और सेक्रेटरी दिलनाज गिल्डर को 10 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा, उनके लंबे समय तक सहयोगी रहे शांतनु नायडू का 1 करोड़ रुपये का स्टूडेंट लोन पूरी तरह माफ कर दिया गया। ड्राइवर राजू लियोन को 1.5 लाख रुपये और 18 लाख रुपये की लोन माफी मिली। यहां तक कि उनके पालतू कुत्ते टीटो की देखभाल के लिए भी 12 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई, जिससे हर तिमाही 30,000 रुपये मिलते रहेंगे।
रतन टाटा ने अपनी सौतेली बहनों शीरीन जेजेभोय और डीना जेजेभोय के लिए अपनी वित्तीय संपत्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रखा। उनकी सौतेली बहनों के अलावा, पूर्व ताज होटल कर्मचारी मोहिनी एम. दत्ता को भी उनकी संपत्ति में हिस्सा दिया गया। उनके सौतेले भाई जिम्मी नवल टाटा को जुहू स्थित संपत्ति का आधा हिस्सा दिया गया, जिसकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये आंकी गई है। उनकी अनलिस्टेड संपत्तियों को रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट के बीच समान रूप से विभाजित किया जाएगा।
रतन टाटा की वसीयत में उनके पड़ोसी जेक मालीटे को भी स्थान दिया गया, जिनका वारविक बिजनेस स्कूल, यूके में एमबीए के लिए दिया गया 23.7 लाख रुपये का लोन माफ कर दिया गया। इसके अलावा, सेशेल्स में स्थित उनकी 85 लाख रुपये की संपत्ति आरएनटी एसोसिएट्स को सौंपी गई। उनकी कुल वित्तीय संपत्ति में टाटा संस के ऑर्डिनरी और प्रेफरेंस शेयर, बैंक एफडी, विभिन्न वित्तीय साधन, 65 लग्जरी घड़ियां, कलाकृतियां और विदेशों में रखी गई संपत्तियां शामिल हैं।
रतन टाटा की अंतिम इच्छा के अनुसार, उनके अंतिम संस्कार और श्राद्ध के सभी खर्च उनकी संपत्ति से पूरे किए जाएंगे। उनकी वसीयत 23 फरवरी 2022 को तैयार की गई थी, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी संपत्ति का उपयोग मुख्य रूप से समाजसेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए किया जाए। उनकी संपत्ति में 367 करोड़ रुपये नकद और बैंक खातों में, सेशेल्स में 40 करोड़ रुपये की संपत्ति और विदेशी निवेश शामिल हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी वसीयत को सत्यापित करने के लिए उनके एग्जीक्यूटर्स एडवोकेट डेरियस खंबाटा, मेहली मिस्त्री और उनकी बहनें शीरीन व डीना जेजेभोय ने याचिका दायर की है।
रतन टाटा की विरासत संभालेंगे उनके सौंतेले भाई नोएल टाटा, ट्रेंट और वोल्टास के मौजूदा प्रमुख
रतन टाटा का निधन 9 अक्टूबर 2024 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। वह 1990 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम चेयरमैन भी रहे। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया और जगुआर-लैंडरोवर ब्रांड को अपने साम्राज्य में शामिल किया। उनकी वसीयत इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने न केवल अपने व्यापार को बढ़ाया, बल्कि अपने कर्मचारियों, सहयोगियों और समाज के जरूरतमंदों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी तरह निभाया।
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज
All Rights Reserved with Masterstroke Media Private Limited.