Pune Murder Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले से सामने आया लोहागढ़ हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुरुआत में इस घटना को एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस की गहन जांच में मामला सुनियोजित हत्या का निकला। इस मामले में पुलिस ने मृतक केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। इस मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे यह हत्याकांड और भी सनसनीखेज बन गया है।
Pune Murder Case: कौन थे केतन अग्रवाल?
केतन अग्रवाल पुणे (Pune Murder Case) के एक युवा कारोबारी थे। उनकी शादी कुछ ही महीनों बाद सिया गोयल से होने वाली थी। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे और सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था। लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि सिया गोयल का चेतन चौधरी से करीबी संबंध था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी रिश्ते की वजह से केतन की हत्या की साजिश रची गई।
Pune Murder Case: 18 जून को क्या हुआ था?
18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल (Pune Murder Case) के साथ घूमने के लिए पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पहुंचे थे। ट्रैकिंग के दौरान अचानक केतन गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना गया क्योंकि लोहागढ़ किले का रास्ता काफी ऊंचा और फिसलन भरा है।
हालांकि, केतन के परिवार को इस घटना पर शुरुआत से ही शक था। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने हर पहलू की बारीकी से जांच शुरू की।
सीसीटीवी और मोबाइल रिकॉर्ड बने सबसे बड़े सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक युवक गर्मी के मौसम में हुडी पहनकर घूमता दिखाई दिया। यह बात पुलिस को संदिग्ध लगी। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की।
जांच में पता चला कि वह युवक चेतन चौधरी था। पुलिस का दावा है कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग कपड़े पहने थे और दूसरे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। यही सुराग इस पूरे मामले का सबसे अहम सबूत बन गया।
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Pune Murder Case: कई महीनों से बनाई जा रही थी हत्या की योजना
पुलिस के अनुसार यह हत्या अचानक नहीं हुई थी। जांच में सामने आया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी कई महीनों से लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों के बीच हजारों बार फोन पर बातचीत हुई थी।
पुलिस का कहना है कि दोनों ने पहले भी केतन को मारने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार उनकी योजना सफल नहीं हो सकी। आखिरकार 18 जून को दोनों ने पूरी तैयारी के साथ अपनी साजिश को अंजाम दिया।
एक इशारे के बाद दिया गया धक्का
जांच में पुलिस ने दावा किया है कि घटना (Pune Murder Case) वाले दिन सिया गोयल ने पहले से तय एक इशारा किया था। जैसे ही सिया एक तय स्थान पर बैठी, चेतन चौधरी ने पीछे से आकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। अचानक हुए इस हमले के कारण केतन संभल नहीं सके और नीचे गिर गए।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि तकनीकी सबूत, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपियों की गतिविधियों से हुई है। हालांकि अंतिम फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगा।
घटनास्थल पर दोबारा पहुंची पुलिस
मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस दोनों आरोपियों (Pune Murder Case) को दोबारा लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। यहां पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया गया। पुलिस ने डमी की मदद से यह समझने की कोशिश की कि घटना किस तरह हुई और आरोपियों के बयान घटनास्थल के सबूतों से मेल खाते हैं या नहीं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से केस और मजबूत होगा तथा अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने में आसानी होगी।
परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
केतन अग्रवाल के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ (Pune Murder Case) सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि केतन अपनी मंगेतर पर पूरी तरह भरोसा करते थे। उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि जिस लड़की से वह शादी करने वाले हैं, वही उनकी मौत की वजह बन जाएगी।
वहीं, दूसरी ओर चेतन चौधरी के परिवार ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पुलिस एकतरफा जांच कर रही है और अदालत में सच्चाई सामने आएगी।
Pune Murder Case: जांच अभी भी जारी
पुणे पुलिस इस मामले में लगातार नए सबूत जुटा रही है। जांच टीम मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान की जांच कर रही है। पुलिस जल्द ही इस मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
लोहागढ़ हत्याकांड ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि कई बार जिन घटनाओं को लोग साधारण हादसा समझ लेते हैं, उनके पीछे एक बड़ी साजिश छिपी होती है। अब पूरे मामले पर सभी की नजर अदालत की कार्रवाई पर टिकी है। अदालत में पेश किए जाने वाले सबूत और गवाहों के बयान ही तय करेंगे कि इस मामले में दोषी कौन है और उन्हें क्या सजा मिलेगी।
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