Premium And Sum Assured Difference समझे बिना बीमा पॉलिसी लेना वैसा ही है, जैसे बिना कीमत और सामान देखे कोई चीज खरीद लेना। कई लोग सिर्फ कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी ले लेते हैं और बाद में पता चलता है कि परिवार को मिलने वाली रकम जरूरत से बहुत कम है। प्रीमियम और सम एश्योर्ड, ये दोनों शब्द हर बीमा पॉलिसी के केंद्र में होते हैं। इन्हें सही से समझ लिया, तो सही पॉलिसी चुनना काफी आसान हो जाता है।
प्रीमियम क्या होता है?
प्रीमियम वह रकम है जो आप बीमा कंपनी को पॉलिसी चालू रखने के लिए देते हैं। इसे मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना भरा जा सकता है। आसान भाषा में कहें तो प्रीमियम सुरक्षा की कीमत है। समय पर प्रीमियम न भरने पर ग्रेस पीरियड के बाद पॉलिसी बंद भी हो सकती है।
सम एश्योर्ड क्या होता है?
सम एश्योर्ड वह तय रकम है जो बीमा कंपनी पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक देने का वादा करती है। जीवन बीमा में पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर यह रकम नॉमिनी को मिलती है। एंडोमेंट जैसी कुछ योजनाओं में पॉलिसी पूरी होने पर बोनस के साथ मैच्योरिटी रकम भी मिलती है। जबकि टर्म इंश्योरेंस में आम तौर पर सिर्फ मृत्यु पर ही भुगतान होता है।
Premium And Sum Assured Difference- एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए 30 साल का एक व्यक्ति 1 करोड़ रुपये का टर्म प्लान लेता है और उसका सालाना प्रीमियम कुछ हजार रुपये आता है। यहां 1 करोड़ रुपये सम एश्योर्ड है और हर साल भरी जाने वाली रकम प्रीमियम है। यानी प्रीमियम आप देते हैं और सम एश्योर्ड कंपनी देती है। एक आपका खर्च है, दूसरा आपके परिवार की सुरक्षा।
प्रीमियम किन बातों से तय होता है?
उम्र जितनी कम होगी, प्रीमियम उतना कम होगा। इसके अलावा सेहत, धूम्रपान की आदत, पॉलिसी की अवधि, सम एश्योर्ड की रकम और पॉलिसी का प्रकार भी प्रीमियम पर असर डालते हैं। इसीलिए टर्म प्लान सबसे सस्ता होता है, क्योंकि उसमें सिर्फ सुरक्षा मिलती है। निवेश वाली पॉलिसी में उतने ही सम एश्योर्ड के लिए प्रीमियम कई गुना ज्यादा होता है।
सम एश्योर्ड और सम इंश्योर्ड में फर्क
सम एश्योर्ड शब्द जीवन बीमा में इस्तेमाल होता है, जहां तय रकम मिलती है। हेल्थ और मोटर बीमा में सम इंश्योर्ड होता है, जो असल नुकसान या खर्च की भरपाई की अधिकतम सीमा है। सही सम एश्योर्ड कितना चुनें? वित्तीय सलाहकार आम तौर पर सालाना आय का कम से कम 10 से 15 गुना कवर लेने की सलाह देते हैं। इसमें घर का लोन, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य के खर्च भी जोड़कर देखें।़

टैक्स के लिहाज से भी ध्यान रखें
मैच्योरिटी रकम पर छूट के लिए आम तौर पर सालाना प्रीमियम सम एश्योर्ड के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इसलिए पॉलिसी लेते समय Premium And Sum Assured Difference और दोनों का अनुपात जरूर जांचें।
बीमा से जुड़ी और जानकारी
पॉलिसी पसंद न आए तो क्या करें, इसके लिए Free Look Period के नियम पढ़ें। परिवार को सही रकम मिले, इसके लिए Insurance Nominee Change की प्रक्रिया जानें और Cashless Claim Process भी समझें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Premium And Sum Assured Difference में सबसे आसान फर्क क्या है?
प्रीमियम वह रकम है जो आप कंपनी को देते हैं, जबकि सम एश्योर्ड वह रकम है जो कंपनी शर्तों के मुताबिक आपको या नॉमिनी को देती है।
2. क्या ज्यादा सम एश्योर्ड पर प्रीमियम भी ज्यादा होगा?
हां, कवर जितना बड़ा होगा प्रीमियम उतना बढ़ेगा। लेकिन टर्म प्लान में बड़ा कवर भी अपेक्षाकृत कम प्रीमियम में मिल जाता है।
3. क्या पॉलिसी के बीच में सम एश्योर्ड बढ़ाया जा सकता है?
कुछ पॉलिसी शादी या बच्चे के जन्म जैसे मौकों पर कवर बढ़ाने का विकल्प देती हैं। वरना अलग से नई पॉलिसी लेनी पड़ती है।
4. बीमा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
पॉलिसीधारकों के लिए भरोसेमंद जानकारी IRDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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उपरोक्त Premium And Sum Assured की जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। पॉलिसी खरीदने से पहले उसकी शर्तें ध्यान से पढ़ें।

