15 साल पूरे होने के बाद भी अगर आप पीपीएफ में निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो PPF Account Extension के लिए सही समय पर सही फॉर्म जमा करना सबसे जरूरी कदम है। बहुत से लोग मान लेते हैं कि मैच्योरिटी के बाद पैसा जमा करते रहना ही काफी है। लेकिन फॉर्म जमा किए बिना की गई जमा राशि पर न ब्याज मिलता है और न टैक्स छूट।
Form H क्या है और कब जमा करना होता है?
PPF Account Extension के लिए एक आवेदन फॉर्म भरना होता है। ज्यादातर बैंक इसे Form H कहते हैं, जबकि PPF Scheme 2019 में यही आवेदन Form 4 के नाम से दर्ज है। यह फॉर्म मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल के भीतर जमा करना जरूरी है।
उदाहरण के लिए, अगर खाता 31 मार्च 2026 को मैच्योर हुआ है, तो फॉर्म 31 मार्च 2027 तक जमा हो जाना चाहिए। खाता 5 साल के ब्लॉक में बढ़ता है और यह प्रक्रिया जितनी बार चाहें दोहराई जा सकती है। हर नए ब्लॉक के लिए फिर से फॉर्म जमा करना होता है।
पोस्ट ऑफिस में PPF Account Extension के स्टेप
- स्टेप 1: उसी पोस्ट ऑफिस में जाएं जहां आपका पीपीएफ खाता है, और काउंटर से एक्सटेंशन का फॉर्म लें।
- स्टेप 2: फॉर्म में खाता नंबर, नाम और मैच्योरिटी की तारीख भरें। फिर साफ लिखें कि आप जमा राशि के साथ 5 साल के लिए खाता बढ़ाना चाहते हैं।
- स्टेप 3: फॉर्म के साथ पीपीएफ पासबुक और पहचान पत्र की कॉपी लगाएं, और हस्ताक्षर करके जमा करें।
- स्टेप 4: जमा करने की रसीद या पासबुक में एंट्री जरूर लें। यही आगे आपका सबूत रहेगा।
SBI और दूसरे बैंकों में प्रक्रिया
SBI समेत ज्यादातर सरकारी बैंकों में फॉर्म उसी ब्रांच में जमा होता है जहां खाता खुला है। ब्रांच से Form H लेकर, पासबुक के साथ जमा करें और पावती लें। कुछ निजी बैंक नेट बैंकिंग में Service Request या PPF सेक्शन के जरिए ऑनलाइन एक्सटेंशन की सुविधा भी देते हैं।
ऐसे में लॉगिन करके PPF खाता चुनें, एक्सटेंशन का विकल्प लें और OTP से पुष्टि करें। ऑनलाइन विकल्प हर बैंक में एक जैसा नहीं है। इसलिए मैच्योरिटी से कुछ महीने पहले ही अपने बैंक के ऐप या कस्टमर केयर से प्रक्रिया पक्की कर लें।
फॉर्म समय पर जमा न किया तो क्या होगा?
अगर 1 साल के भीतर फॉर्म जमा नहीं किया गया, तो खाता अपने आप बिना जमा राशि के 5 साल के लिए बढ़ जाता है। पुरानी रकम पर ब्याज मिलता रहता है। लेकिन इस दौरान अगर आपने नई रकम जमा की, तो उसे नियम के खिलाफ जमा माना जाता है।

इस रकम पर न ब्याज मिलता है और न धारा 80C के तहत टैक्स छूट। ऐसी गलती अक्सर तब होती है जब बैंक में Auto Debit चालू रहता है और खाताधारक को पता ही नहीं चलता। इसलिए मैच्योरिटी के आसपास अपना स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन जरूर जांचें।
PPF Account Extension के बाद ब्याज का हिसाब
अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही के लिए पीपीएफ की ब्याज दर 7.1% सालाना है। ब्याज हर साल के अंत में जुड़ता है। मान लीजिए मैच्योरिटी पर आपके खाते में ₹15,00,000 हैं। अगर आप जमा के साथ खाता बढ़ाते हैं और हर साल 5 अप्रैल से पहले ₹1,50,000 जमा करते हैं, तो 5 साल बाद रकम करीब ₹30.39 लाख हो सकती है।
अगर आप बिना जमा के PPF Account Extension करते हैं, तो वही ₹15 लाख 5 साल में बढ़कर करीब ₹21.14 लाख हो सकते हैं। यह हिसाब 7.1% की स्थिर दर मानकर किया गया है। सरकार हर तिमाही दर तय करती है, इसलिए असल रकम थोड़ी अलग हो सकती है।
टैक्स और निकासी के नियम
PPF Account Extension के बाद भी पीपीएफ EEE श्रेणी में रहता है। यानी पुरानी टैक्स व्यवस्था में जमा राशि पर 80C की छूट, और ब्याज व मैच्योरिटी रकम दोनों टैक्स फ्री रहते हैं। नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को 80C की छूट नहीं मिलती, लेकिन ब्याज तब भी टैक्स फ्री रहता है।
जमा के साथ बढ़ाए गए खाते से हर साल एक बार निकासी हो सकती है। पूरे 5 साल के ब्लॉक में कुल निकासी, ब्लॉक शुरू होते समय के बैलेंस के 60% से ज्यादा नहीं हो सकती। ऊपर के उदाहरण में यह सीमा ₹9,00,000 होगी।
पीपीएफ और रिटायरमेंट से जुड़ी और जानकारी
एक्सटेंशन के दोनों विकल्पों में कौन सा आपके लिए बेहतर है, यह समझने के लिए हमारी गाइड PPF Extension Rules और निकासी के नियम पढ़ें।
लंबी अवधि की प्लानिंग के लिए Retirement Planning की 7 बड़ी गलतियां और सही एसेट एलोकेशन का गणित भी जरूर पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या PPF Account Extension कई बार किया जा सकता है?
हां, खाता 5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें बढ़ाया जा सकता है। जमा राशि के साथ बढ़ाने के लिए हर ब्लॉक से पहले नया फॉर्म जमा करना होगा।
2. क्या बिना फॉर्म के PPF Account Extension हो सकता है?
हां, फॉर्म न देने पर खाता अपने आप बिना जमा राशि के बढ़ जाता है। पुरानी रकम पर ब्याज मिलता रहता है, लेकिन नई जमा राशि पर लाभ नहीं मिलता।
3. क्या PPF Account Extension के बाद बीच में खाता बंद किया जा सकता है?
हां, एक्सटेंशन के दौरान खाता बंद करके पूरी रकम निकाली जा सकती है। जमा के साथ बढ़ाए गए खाते में निकासी की 60% सीमा पर ध्यान रखें।
4. PPF Account Extension के आधिकारिक नियम कहां पढ़ें?
पीपीएफ समेत सभी छोटी बचत योजनाओं के नियम, ब्याज दर और फॉर्म की जानकारी राष्ट्रीय बचत संस्थान की आधिकारिक NSI वेबसाइट पर मिलती है।
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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

