PAURI GULDAR: उत्तराखंड के पौड़ी में वन विभाग ने आदमखोर गुलदार को ढेर करने की अंतिम मंजूरी दे दी है। चार दिन पहले एक ग्रामीण को निवाला बनाने वाले गुलदार को पकड़ने के लिए विभाग द्वारा किए गए तमाम उपाय जब नाकाम साबित हुए, तो पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) ने उसे देखते ही गोली मारने (Shoot at Sight) के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही गुलदार के खात्मे के लिए अब सरकारी शिकारियों के अलावा निजी क्षेत्र के अनुभवी शिकारियों को भी मैदान में उतारा गया है। वन विभाग ने इस ऑपरेशन को पूरा करने के लिए 14 दिन का समय निर्धारित किया है।

PAURI GULDAR: विभाग के प्रयास विफल होने पर लिया गया कड़ा फैसला
पौड़ी रेंज के जिस इलाके में 42 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल की गुलदार के हमले में मौत हुई थी, वहां पिछले चार दिनों से वन विभाग की टीमें सक्रिय थीं। विभाग ने गुलदार को जिंदा पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए थे और ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने की कोशिशें की जा रही थीं। हालांकि, गुलदार न तो पिंजरे में फंसा और न ही वन कर्मियों की पकड़ में आया। लगातार बढ़ रही दहशत और जनआक्रोश को देखते हुए अंततः उसे आदमखोर घोषित करते हुए मारने का निर्णय लिया गया। यह आदेश तब जारी किया गया जब यह स्पष्ट हो गया कि गुलदार मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

जॉय ह्युकिल और राकेश बड़थ्वाल को मिली जिम्मेदारी
गुलदार को मारने के आदेश के साथ ही शिकारियों की टीम को मजबूत किया गया है। वन विभाग के दो सरकारी शिकारी पहले से ही क्षेत्र में मौजूद थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही थी। ग्रामीणों की मांग और स्थानीय भूगोल की समझ को देखते हुए शासन ने दो प्रसिद्ध क्षेत्रीय शिकारियों, जॉय ह्युकिल और राकेश चंद्र बड़थ्वाल को इस अभियान में शामिल किया है। अब कुल चार शिकारियों की टीम जंगल में गश्त कर रही है। पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ ने निर्देश दिए हैं कि अगले 14 दिनों के भीतर इस खतरे को समाप्त किया जाए।

सीएम के निर्देश पर आला अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद से क्षेत्र में व्याप्त तनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में सीधा हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार को प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और सचिव विनय शंकर पांडे पौड़ी पहुंचे। इन अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने प्राइवेट शूटर्स की तैनाती की मांग रखी थी, जिसे मौके पर ही स्वीकार कर लिया गया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जनसुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और जल्द ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा।

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

