PAURI GULDAR NEWS: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार सुबह जिला मुख्यालय के पास स्थित गजल्ट गांव में गुलदार ने एक व्यक्ति पर उस समय हमला कर दिया जब वह मंदिर जा रहा था। इस हमले में व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने करीब चार घंटे तक शव को उठाने से इनकार कर दिया। मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ा और उनके सामने ही सरकार विरोधी नारे लगाए गए। काफी हंगामे के बाद जिलाधिकारी के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।

PAURI GULDAR NEWS: मंदिर जाते समय घात लगाकर किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना पौड़ी जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर स्थित गजल्ट गांव की है। गांव के रहने वाले राजेंद्र नौटियाल (उम्र लगभग 42-45 वर्ष) गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे गांव के पास ही स्थित शिवालय में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे। उसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाकर बैठे एक गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। गुलदार उन्हें घसीटकर पास की झाड़ियों में ले गया, जहां उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक राजेंद्र नौटियाल दूध बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

PAURI GULDAR NEWS: चार घंटे तक शव उठाने से किया इनकार, प्रशासन पर फूटा गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों में वन विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखा गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को उठाने से साफ इनकार कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि जिला मुख्यालय से गांव की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है, इसके बावजूद घटना के चार घंटे बीत जाने तक कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बीते मंगलवार को ही एक 4 वर्षीय मासूम पर हमला हुआ था, गनीमत रही कि वह बच गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग केवल औपचारिकताएं निभाता है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।

विधायक का भारी विरोध, डीएम के पहुंचने पर शांत हुआ मामला
घटना के करीब चार घंटे बाद स्थानीय भाजपा विधायक राजकुमार पोरी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें जनता के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने विधायक को चारों तरफ से घेर लिया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान भीड़ ने वन मंत्री और ‘धामी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। विधायक लोगों से शांत रहने की अपील करते नजर आए। काफी देर तक चले इस भारी विरोध और हंगामे के बाद आखिरकार जिलाधिकारी स्वाती भदौरिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों से बातचीत कर शव को उठाने की अपील की, जिसके बाद लोगों का गुस्सा कुछ शांत हुआ और आगे की कार्रवाई शुरू हो सकी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

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