OPERATION CLEAN UTTARAKHAND: उत्तराखंड सरकार ने नकली दवाओं और नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 18 जुलाई से ‘ऑपरेशन क्लीन’ की शुरुआत की है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन 2025’ के तहत यह बड़ा कदम उठाया गया है। इस अभियान में उत्तराखंड पुलिस, विशेष कार्य बल (STF) और औषधि नियंत्रण विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य नकली दवाओं के निर्माण, वितरण और बिक्री पर रोक लगाना है, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर भी कड़ा नियंत्रण करना है।

OPERATION CLEAN UTTARAKHAND: नशामुक्त उत्तराखंड
विशेष ध्यान चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों पर दिया जा रहा है, जहां ड्रग्स तस्करी की गतिविधियां पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। पुलिस और STF की टीमें इन इलाकों में छापेमारी करेंगी, जबकि फार्मा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स की बारीकी से जांच की जाएगी। 16 जुलाई 2025 को चंपावत व पिथौरागढ़ में एक ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया, जहां पोल्ट्री फार्म की आड़ में MDMA ड्रग बनाई जा रही थी। इस ऑपरेशन में मास्टरमाइंड कुनाल कोहली सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इससे पहले, 13 जुलाई को नेपाल सीमा के पास एक महिला को 10.23 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था, जो अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है।

औषधि नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट बताती है कि जनवरी से मई 2025 के बीच 112 दवाओं के नमूने गुणवत्ता में फेल पाए गए। इसके बाद 33 दवा निर्माण इकाइयों को उत्पादन बंद करने के आदेश दिए गए और दो कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। 862 स्थानों पर छापेमारी की गई और 352 नमूने जांच के लिए भेजे गए। औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी मेडिकल स्टोर्स को हिदायत दी है कि बिना डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के नशीली दवाएं न बेची जाएं। साथ ही, आम जनता से अनुरोध किया गया है कि वे केवल प्रमाणित स्रोतों से ही दवाएं खरीदें और किसी भी संदेहास्पद दवा की जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर दें।]

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