NOIDA PROTEST: सैलरी हाइक की मांग को लेकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बीते कुछ दिनों से भड़की मजदूरों की आग अभी पूरी तरह बुझती हुई नहीं दिख रही है। हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके। सोमवार की घटनाओं के बाद उम्मीद थी कि स्थिति शांत हो जाएगी, लेकिन आज भी श्रमिक सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो कई जगह झड़पें हुईं।
भीड़ ने दो-तीन स्थानों पर पुलिस वाहनों पर पथराव किया। फेज-2 के सेक्टर-80 में गुरु अमरदास इंटरनेशनल कंपनी के पास सुबह करीब नौ बजे स्थिति बिगड़ी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वहीं ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित यूआईएल कंपनी में भी श्रमिकों और पुलिस के बीच हाथापाई हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए। हालांकि पुलिस ने जल्द ही हालात काबू में कर लिए और भीड़ को तितर-बितर कर दिया।
NOIDA PROTEST:आंदोलन अब फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं
NOIDA PROTEST अब फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा। सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी में घरेलू सहायिकाएं भी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आईं। मामला बढ़ने पर सोसायटी प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। डीसीपी शैव्या गोयल ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो भ्रामक है, जिसमें एक ही घटना को अलग-अलग स्थानों का बताकर फैलाया जा रहा है, और प्रदर्शन करने वाली महिलाएं फैक्ट्री मजदूर नहीं हैं।

महिला कामगार को गोली लगने के बाद से ही श्रमिकों में गुस्सा था
पिछले हफ्ते शनिवार को इकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित फैक्ट्री के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान एक महिला कामगार को गोली लगने की घटना के बाद से ही श्रमिकों में गुस्सा था। सोमवार को इसी गुस्से ने उग्र रूप ले लिया और पूरा नोएडा घंटों तक अफरा-तफरी के माहौल में रहा। नोएडा के तीन औद्योगिक इलाकों में सोमवार सुबह सैकड़ों की संख्या में मजदूर डंडे और पत्थर लेकर एक साथ सड़कों पर उतर आए। कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए और भीड़ ने 500 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ और पथराव शुरू कर दिया।
इसके अलावा NOIDA PROTEST के दौरान पुलिस की गाड़ियों सहित 20 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। एनएच-9 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्ग जाम हो गए, जिसका असर गाजियाबाद और दिल्ली आने-जाने वालों पर भी पड़ा। सुबह करीब आठ बजे से शाम पांच बजे तक चला यह उपद्रव लगभग नौ घंटे तक जारी रहा और पूरे शहर को अराजकता के माहौल में डाल दिया। इस हिंसा में 10 पुलिसकर्मियों सहित करीब 30 लोग घायल हुए।
प्रशासन अलर्ट मोड में
नोएडा में खराब स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह से ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सुबह पांच बजे से ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा फ्लैग मार्च किया जा रहा है। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है।]

पीएसी और RAF की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि 8 अतिरिक्त एसपी और 18 डीएसपी सहित 26 वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर लगाया गया है। राजीव कृष्ण लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उपद्रव करने वालों से नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी।
NOIDA PROTEST में 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया
पुलिस ने अब तक NOIDA PROTEST में 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और एडिशनल सीपी राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार जांच में सामने आया है कि 50 से ज्यादा X (ट्विटर) अकाउंट और कई व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए अफवाहें फैलाकर हिंसा भड़काई गई। कुछ संदिग्ध समूहों की पहचान भी की गई है, जिनके सदस्य अलग-अलग स्थानों पर उपद्रव में शामिल पाए गए।
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न्यूनतम मजदूरी में ₹3,000 तक की बढ़ोतरी
NOIDA PROTEST में हिंसा के बाद सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए श्रमिकों की मांगों पर निर्णय लिया। सोमवार देर रात मुख्यमंत्री द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने मजदूरों और उद्योगपतियों से बातचीत के बाद अपनी सिफारिशें दीं, जिन्हें रात करीब डेढ़ बजे मंजूरी दे दी गई। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी में ₹3,000 तक की बढ़ोतरी की गई है, जो 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी।
अब हर महीने की 10 तारीख से पहले कर्मचारियों के खाते में वेतन जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नवंबर से पहले बोनस देना, ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश पर काम करने पर दोगुना भुगतान करना और हर फैक्ट्री में महिला अध्यक्षता वाली यौन उत्पीड़न समिति बनाना भी जरूरी किया गया है। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही ये फैसले लिए गए हैं।
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