DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड को बड़ी सौगात देते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। देहरादून हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर के जरिए सहारनपुर के गणेशपुर पहुंचे, जहां से उन्होंने एलिवेटेड रोड पर रोड शो शुरू किया। उन्होंने मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना भी की। डाट काली मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चियों द्वारा प्रस्तुत महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् को सुना।
इसके बाद उनका रोड शो देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड पहुंचा। इस दौरान 12 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया और सड़क के दोनों ओर सांस्कृतिक दल उत्तराखंड के पारंपरिक संगीत और लोकनृत्य के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन के लिए खड़े दिखे।
DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY को बताया अहम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इस परियोजना को पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे देहरादून, हरिद्वार, मसूरी और चारधाम यात्रा से जुड़े क्षेत्रों को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही उन्होंने भीमराव अंबेडकर की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां संविधान की गरिमा को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सालभर सुगम कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 2023 के बाद सर्दियों में भी यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2025 में करीब 40 हजार लोग शीतकालीन यात्रा पर पहुंचे, जबकि शीतकालीन चारधाम यात्रा में यह संख्या पहले 80 हजार थी, जो बढ़कर डेढ़ लाख से अधिक हो गई।

केंद्रीय मंत्री सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY के बारे में बताया कि इस कॉरिडोर के तैयार होने से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश समेत पूरे उत्तराखंड में आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से शुरू होकर अक्षरधाम, खजूरी खास, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से होते हुए आखिरकार देहरादून तक पहुंचता है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी करीब 20 से 22 किलोमीटर तक घट जाएगी, जिससे यात्रा और भी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY की प्रमुख विशेषताएं
- दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY करीब 213 किलोमीटर लंबा है, जिसे लगभग ₹11,963 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है।
- DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY के तहत लगभग 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, ताकि वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
- इसके साथ ही 200 मीटर लंबे दो एलिफेंट अंडरपास और 6 विशेष एनिमल पास भी तैयार किए गए हैं।
- साथ ही डाट काली मंदिर के पास करीब 370 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है, जो इस मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY 6 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर है, जिसमें 2 रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 10 बड़े पुल और 7 इंटरचेंज शामिल हैं, जिससे यात्रा अधिक सुगम और तेज हो सकेगी।
- इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर महज लगभग ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जो पहले की तुलना में काफी कम समय है।
- परियोजना के अंतर्गत करीब 20 किलोमीटर का वन क्षेत्र भी आता है, जिसे ध्यान में रखते हुए निर्माण किया गया है।
- इसके अलावा, अनुमान है कि इस मार्ग के चालू होने पर करीब 19 प्रतिशत तक ईंधन की बचत होगी।
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए लगभग 1.95 लाख पेड़ भी लगाए गए हैं, जो इस परियोजना को और अधिक टिकाऊ बनाते हैं।

DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY के साथ अन्य विकास योजनाओं की शुरुआत
आज के इस दौरे में प्रधानमंत्री केवल DELHI-DEHRADUN EXPRESSWAY ही नहीं, बल्कि राज्य के लिए हजारों करोड़ रुपये की कई अन्य विकास योजनाओं की शुरुआत भी हुई हैं। इनमें टिहरी में 1000 मेगावाट का पंप स्टोरेज प्लांट, पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार और बनबसा लैंड पोर्ट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे शहर में उत्साह का माहौल दिखा। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आशारोड़ी से गढ़ीकैंट तक के रास्ते को 13 जोन में बांटा गया और हर जगह नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई। भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों से देहरादून में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया, जिसके तहत रुड़की-भगवानपुर-देहरादून मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को रोका गया।
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