NIRMALA SITHARAMAN ELECTORAL BONDS CASE: बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने 27 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए पैसे वसूलने से जुड़ा है, जिसकी शिकायत जनाधिकार संघर्ष परिषद के आदर्श अय्यर ने की थी। अदालत ने तिलक नगर पुलिस स्टेशन को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है, और अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को तय की गई है।

NIRMALA SITHARAMAN ELECTORAL BONDS CASE: 2017 में हुई थी इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत
इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत 2017 में की गई थी और इसे प्रोमिसरी नोट की तरह माना जाता है जिसे कोई भी भारतीय नागरिक या कंपनी खरीद सकती है। बता दें कि 15 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया था, क्योंकि बॉन्ड की गोपनीयता संविधान और सूचना के अधिकार का उल्लंघन करती थी।

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21 मार्च को जारी डेटा में पता चला था कि 2018 से 2023 तक देश की 771 कंपनियों ने 11,484 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे, जिसमें सबसे अधिक योगदान ट्रेडिंग कंपनियों का था जिन्होंने 2955 करोड़ रुपए सियासी दलों को दिए। लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री ने इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को फिर से लाने का संकेत दिया था, जिस पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी।(NIRMALA SITHARAMAN ELECTORAL BONDS CASE)
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