नीतीश कुमार की BJP से फिर तकरार, गिरेगी बिहार में NDA की मिलीजुली सरकार?

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नई दिल्ली, ब्यूरो। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी से ‘विभाजन’ की बात के बीच जदयू के सांसदों, विधायकों की अहम बैठक बुलाई। इस दौरान क्या मंथन हुआ यह आने वाले चंद दिनों में सामने होगा। वहीं नीतीश कुमार की BJP से दूरी बनाना इस बैठक का मुख्य विषय माना जा रहा है। देशभर के कई राज्यों के मुख्यमंत्री जहां नीति आयोग की बैठक में शामिल हुए लेकिन नीतीश कुमार ने लगातार चौथी बार नीति आयोग की बैठक में नहीं पहुंचे। इससे भी नीतीश और BJP और NDA से दूरी बनाने के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, ऐसे में कई लोग 2-3 दिनी में बिहार में NDA की मिली जुली सरकार गिरने के कयास लगा रहे हैं।  

दरअसल, बिहार के मुखिया नीतीश कुमार रविवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए। इसने जद (यू) और भाजपा के बीच विभाजन की अफवाहों को और हवा दी। इसका जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार में सियासी घमासान के बीच जदयू के सांसदों और विधायकों की बैठक बुलाई है. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल (यूनाइटेड) और बीजेपी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में रविवार की नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने के नीतीश कुमार के फैसले ने इस अटकलों को और हवा दे दी है कि एनडीए के दो सहयोगी बंटवारे की ओर जा सकते हैं। जो कोई नई बात नहीं है।

यह नीति आयोग की 17 जुलाई के बाद से चौथी बैठक थी, जिसमें से जद (यू) प्रमुख दूर रहे। सत्तारूढ़ भाजपा के साथ नीतीश कुमार के मतभेद कई सवाल खड़े करते हैं कि -क्या बिहार में एनडीए सरकार 11  अगस्त से पहले गिर जाएगी  और क्या जेडी [यू] सरकार बनाने के लिए पूर्व सहयोगी राजद के साथ हाथ मिलाएगी। सूत्रों के अनुसार बिहार में जेडी [यू] -बीजेपी गठबंधन गिरने की कगार पर है। इसके अलावा चूंकि अधिकांश जद [यू] विधायक मध्यावधि चुनावों के खिलाफ हैं।  इसलिए पार्टी राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों के साथ राज्य में सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए गठजोड़ कर रही है। यह इस समय का बड़ा सवाल है। देखते हैं इस बार क्या होता है।