किसी दुर्लभ किताब या पुराने रिसर्च पेपर को ढूंढने के लिए पहले लाइब्रेरी-दर-लाइब्रेरी भटकना पड़ता था, लेकिन अब यह काम कुछ ही सेकंड में हो जाता है। इसी सुविधा का नाम है National Digital Library of India, जो देश की सबसे बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी है। आइए इसे पूरी गहराई से समझते हैं।
National Digital Library of India क्या है
National Digital Library of India, जिसे संक्षेप में NDLI भी कहा जाता है, एक वर्चुअल लाइब्रेरी है जिसे IIT खड़गपुर द्वारा विकसित और संचालित किया जाता है। इसे शिक्षा मंत्रालय की National Mission on Education through Information and Communication Technology (NMEICT) के तहत फंडिंग मिलती है।
इसकी शुरुआत अप्रैल 2015 में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई थी, और 19 जून 2018 को इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है और यह पूरी तरह गैर-व्यावसायिक सेवा है।
इसमें क्या-क्या मिलता है
National Digital Library of India पर फिलहाल 65 लाख से ज्यादा किताबें, जर्नल, पत्रिकाएं और रिसर्च मटीरियल मौजूद हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इसमें सिर्फ किताबें ही नहीं, बल्कि ऑडियो बुक्स, वीडियो लेक्चर, लेक्चर नोट्स, सिमुलेशन, पुराने क्वेश्चन पेपर और उनके सॉल्यूशन भी शामिल हैं। कंटेंट प्राइमरी क्लास से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन तक के स्तर पर उपलब्ध है, और टेक्नोलॉजी, सोशल साइंस, लिटरेचर, लॉ और मेडिकल जैसे लगभग सभी विषयों को कवर करता है।
कितनी भाषाओं में उपलब्ध है
National Digital Library of India का यूजर इंटरफेस भारत की 10 सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे अलग-अलग राज्यों के छात्र अपनी भाषा में आसानी से इसे इस्तेमाल कर पाते हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म को दिव्यांग शिक्षार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी डिजाइन किया गया है, ताकि पहुंच में कोई रुकावट न आए।
रजिस्ट्रेशन और इस्तेमाल कैसे करें
National Digital Library of India का इस्तेमाल करने के लिए ndl.iitkgp.ac.in पर जाकर मुफ्त रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है, या फिर UMANG ऐप के जरिए भी इसे एक्सेस किया जा सकता है। इसके अलावा IIT खड़गपुर ने एक मोबाइल ऐप भी तैयार किया है, जिससे स्मार्टफोन से भी लाखों किताबों और रिसर्च मटीरियल तक सीधी पहुंच मिल जाती है। फिल्टर्ड और फेडरेटेड सर्च फीचर की वजह से सही रिसोर्स कम समय में ढूंढना आसान हो जाता है।

किन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है
स्कूल और कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए भी National Digital Library of India पर खास एग्जामिनेशन प्रिपरेटरी सेक्शन मौजूद है, जो पुराने प्रश्नपत्र और स्टडी मटीरियल एक जगह उपलब्ध कराता है। रिसर्चर्स के लिए भी यह प्लेटफॉर्म बेहद उपयोगी है, क्योंकि इंटर-लिंक्ड सर्च की मदद से एक ही विषय पर कई सोर्स से जानकारी जोड़कर देखी जा सकती है।
NDLI Club और अन्य सुविधाएं
National Digital Library of India सिर्फ किताबें पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका NDLI Club स्किल एनहांसमेंट और करियर ग्रोथ से जुड़े मौके भी देता है। इसके साथ ही Digital Preservation Centre के जरिए पुराने और दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों को डिजिटाइज कर सुरक्षित रखा जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उन तक पहुंच सकें। संस्थान चाहें तो अपनी खुद की लाइब्रेरी को भी NDLI के इंस्टीट्यूशनल डिजिटल रिपॉजिटरी सर्विस के जरिए डिजिटाइज करा सकते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. National Digital Library of India क्या है?
यह IIT खड़गपुर द्वारा संचालित एक वर्चुअल लाइब्रेरी है, जो शिक्षा मंत्रालय की फंडिंग से चलती है और मुफ्त में लाखों किताबें उपलब्ध कराती है।
2. रजिस्ट्रेशन के लिए कहां जाएं?
ndl.iitkgp.ac.in पर जाकर मुफ्त रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है, या UMANG ऐप के जरिए भी एक्सेस मिलता है।
3. इसमें कितनी किताबें उपलब्ध हैं?
फिलहाल 65 लाख से ज्यादा किताबें, जर्नल और रिसर्च मटीरियल मौजूद हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
4. क्या यह सिर्फ छात्रों के लिए है?
नहीं, यह छात्रों के साथ-साथ नौकरी की तैयारी करने वालों और रिसर्चर्स के लिए भी उतना ही उपयोगी है।
5. क्या हिंदी में भी कंटेंट उपलब्ध है?
हां, इसका इंटरफेस भारत की 10 प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें हिंदी भी शामिल है।
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

