Tuesday, September 27, 2022
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Minister PREM CHAND AGGARWAL की बड़ी हेराफेरी! बेटे के नाम ऐसे की नगर निगम की ये करोड़ों की जमीन

Uttarakhand News- Dehradun Bureau: देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल (Minister PREM CHAND AGGARWAL) पहले से ही जहां विधानसभा में ही पिछले दरवाजे की नियुक्तियों के मामले में सुर्खियों में हैं, वहीं उनके बेटे पीयूष अग्रवाल की ओर से नगर निगम ऋषिकेश की एक प्रतिबंधित खसरा नंबर 279/1 की एक विवादित जमीन को अपने नाम कराने का मामला सामने आया है। इस मामले से संबंधित दस्तावेज इंटरनेट और सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।

Minister PREM CHAND AGGARWAL Case आरोप है कि ऋषिकेश के 135 हरिद्वार रोड पर मौजूद 184 वर्गमीटर विवादित जमीन को तहसील और नगर निगम के अफसरों से सांठ-गांठ कर अपने नाम करवा लिया गया जबकि जमीन का मालिक कोई और ही है। जिस महिला से मंत्री के बेटे ने यह जमीन खरीदी है, उसका नगर निगम में कहीं कोई रिकाॅर्ड ही नहीं है। बड़ी ही चालाकी से पहले एसडीएम से एनओसी इस शर्त पर जारी करवा दी गई कि इस जमीन पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।

Minister PREM CHAND AGGARWAL

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SDM के इसी अनापत्ति प्रमाण पत्र से किया गया खेल 

SDM के इसी अनापत्ति प्रमाण पत्र में यह भी लिखा गया है कि नामांतरण आदि को लेकर किसी भी तरह का कोई विवाद होने पर यह अनापत्ति प्रमाण पत्र स्वतः ही निरस्त समझा जाएगा। अब तहसील ऋषिकेश और नगर निगम ऋषिकेश के अफसर और कार्मिक मामले की जांच की बात तो कह रहे हैं, लेकिन कार्रवाई करने की बजाय एक-दूसरे के पाले में गेंद डालने के सिवाय अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

दरअसल, के 135 हरिद्वार रोड ऋषिकेश पर मौजूद खसरा नंबर 279/1 की 184 वर्गमीटर भूमि नगर निगम ऋषिकेश (पूर्व में नगर पालिका) के अभिलेखों में रमेश चंद्र घिल्डियाल के नाम दर्ज है। इस विवादित जमीन को शीतला कोहली नाम की महिला की ओर से प्रेमचंद अग्रवाल के पुत्र पीयूष अग्रवाल को बेचा जाना दर्शाया गया।

खेल कर पहले चालाकी से एसडीएम ऋषिकेश कार्यालय से इस मामले में अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करवाया गया। उसके बाद इसी एनओसी के आधार पर नगर निगम ऋषिकेश से इस जमीन का नामांतरण पीयूष अग्रवाल पुत्र प्रेमचंद्र अग्रवाल के नाम नगर निगम की धारा 213 (ख) के तहत कर दिया गया।

Minister PREM CHAND AGGARWAL

Minister PREM CHAND AGGARWAL और बेटे पीयूष ने किया खेल?

इस संबंध में सूचना अधिकार से प्राप्त प्रमाणित पत्रों की छाया प्रति मीडिया को साझा करते हुए कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने वित्त मंत्री और ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल (Minister PREM CHAND AGGARWAL) पर करोड़ों की जमीन को बड़े स्तर पर खेलकर अपने बेटे के नाम दर्ज करवाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर मामला मंत्री से जुड़ा होने के कारण इसमें कोई भी अधिकारी साफ-साफ कहने से बच रहा है। सभी अफसर मामला संज्ञान में आने के बाद जांच की बात कह रहे हैं।

जमीन अपने नाम करवाने के इस विवादित मामले को बारीकी से देखा जाए तो एसडीएम ऋषिकेश की ओर से 29 फरवरी 2019 को एक पत्र तहसील ऋषिकेश जनपद देहरादून स्थित भूमि खसरा नंबर 279/1 184 वर्गमीटर भूमि/भवन निर्माण के लिए एनओसी जारी कर दी गई। इस पत्र में एसडीएम की ओर से जिक्र किया गया है कि अगर भविष्य में इस मामले में नामांतरण के साथ ही किसी भी प्रकार का विवाद पैदा हुआ तो अनापत्ति प्रमाण पत्र स्वतः निरस्त समझा जाएगा। दूसरी ओर नगर निगम और तहसील प्रशासन एक-दूसरे को इस मामले के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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19 फरवरी को एसडीएम ऋषिकेश ने जारी की NOC

गौरतलब है कि 19 फरवरी को इस विवाद जमीन को एसडीएम ऋषिकेश ने एनओसी जारी की। इसके कुछ दिन बाद 18 मार्च 2019 को एसडीएम के इस अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर सहायक नगर आयुक्त नगर निगम के लिपिक ने इस मामले में नगर निगम की धारा 213 (ख) के तहत कार्रवाई करने के लिए अनुमति मांगी। इस पर सहायक निदेशक ने भी चिड़िया बैठा कर करोड़ों की विवादित जमीन को मंत्री के बेटे पीयूष अग्रवाल के नाम कर दिया।

Minister PREM CHAND AGGARWAL के पुत्र का यह विवादित जमीन मामला सामने आने के बाद सरकार के सभी नुमाइंदों से लेकर नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी भी बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा सरकार के उत्तराखंड में वित्त और संसदीय कार्य मंत्री के बेटे की इस हेराफेरी पर सरकार और नगर निगम प्रशासन के साथ ही उत्तराखंड शासन क्या एक्शन लेता है।

क्या कहते हैं इस केस को लेकर नगर निगम और प्रशासन के अधिकारी?

दूसरी ओर जमीन नामांतरण के इस विवादित केस (Minister PREM CHAND AGGARWAL) को लेकर नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश राहुल कुमार गोयल ने बताया कि संबंधित मामला मौखिक रूप से मेरे संज्ञान में आया है। मैं इसका अध्ययन करूंगा। उन्होंने कहा कि मैंने अभी नगर निगम की तमाम संपत्तियों से संबंधित संपत्ति के फाइल का अध्ययन नहीं किया है। इस केस का अध्ययन करने के बाद जो भी नगर निगम के नियमों के अनुसार उचित होगा उसी आधार पर इस मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

जबकि इस जमीन के विवादित मामले (Minister PREM CHAND AGGARWAL) में एसडीएम ऋषिकेश तहसील शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि ‘इस तरह के कई केस के संबंधित सरकारी पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। संबंधित प्रकरण में यदि नगर निगम की ओर से संपत्ति नामांतरण किया गया है तो नगर निगम को ही इस पर कार्रवाई चाहिए। एसडीएम से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र में भी इस संबंध में जिक्र किया गया है। विवाद होने की स्थिति में एनओसी स्वतः ही निरस्त मानी जाएगी।’

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